पीएम मोदी के भाषण पर बोली कांग्रेस- चीन का नाम लेने से डरते क्यों हैं?
पीएम मोदी के भाषण पर बोली कांग्रेस- चीन का नाम लेने से डरते क्यों हैं?
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से दिए भाषण पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है। खासतौर से देश की सीमाओं को लेकर कही पीएम की बातों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पीएम मोदी ने अपने भाषण में सीमाओं पर पड़ोसी देशों को कड़ा जवाब दिए जाने की बात कही है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि ये समझ से परे हैं कि आज जो लोग सत्ता में हैं, उनको चीन का नाम लेने डर क्यों लगता है, वो सीधे चीन का नाम लेकर क्यों नहीं बोल पाते हैं। वहीं पीएम के बयान पर कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा है कि हकीकत क्या है, ये वो भी जानते हैं और जो हकीकत है वो कतई अच्छी नहीं है।

कांग्रेस ने किए ये सवाल
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, आज के हुक्मरान चीन का नाम लेने से डरते क्यों हैं? आज जब चीन हमारी सरजमीं पर अतिक्रमण किए हुए है तो उसे पीछे कैसे धकेलना है, भारत मां की रक्षा कैसे करनी है, इस पर हर भारतवासी को सोचना होगा और सरकार से जवाब मांगना होगा। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत पर कही गई बातों को लेकर सुरजेवाला ने कहा, आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल और दूसरे स्वतंत्रता सेनानियों ने रखी थी। अब जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं तो यह सवाल पूछना पड़ेगा कि जो सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को बेच दे और रेलवे एवं हवाई अड्डों का निजीकरण कर रही हो, वो इस देश की आजादी को सुरक्षित रख पाएगी?
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सिर्फ कह देना तो काफी नहीं होता
प्रधानमंत्री के भाषण में सीमाओं को लेकर कही बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने कहा, सिर्फ बोल देना ही काफी नहीं होता है। अगर उन्होंने जवाब दिया है तो हमें इसकी बहुत खुशी है। प्रधानमंत्री जो कहें उस पर हमें विश्वास भी करना चाहिए लेकिन प्रधानमंत्री और उनकी सरकार हकीकत को अच्छी से जानते हैं और वास्तविकता अच्छी नहीं है। अगर चीनी सैनिक हमारी सीमा में आए तो फिर ऐसा क्यों हैं कि रक्षामंत्री कुछ कहते है और प्रधानमंत्री कुछ और कहते हैं। सरकार के लोग ही अलग-अलग बातें क्यों बोल रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा कि देश की संप्रभुता पर आंख उठाने वाले को देश की सेना ने उसी भाषा में जवाब दिया है। भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च है। हमारे देश के वीर जवान क्या कर सकते हैं यह लद्दाख में दुनिया ने देख लिया है। एलओसी से लेकर एलएसी तक जिस देश ने भी आंख उठाई, हमारी सेना और जवानों ने उसका उसी की भाषा में जवाब दिया।
मोदी ने कहा, भारत के जितने प्रयास शांति और सौहार्द के लिए हैं, उतनी ही प्रतिबद्धता अपनी सुरक्षा के लिए अपनी सेना को मजबूत करने की है। भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भी पूरी क्षमता से जुट गया है। देश की सुरक्षा में हमारे बॉर्डर और कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर की भी बहुत बड़ी भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीसी के विस्तार का भी ऐलान करते हुए कहा कि अब एनसीसी का विस्तार देश के 173 सीमाओं और तटीय जिलों तक सुनिश्चित किया जाएगा।

एलएसी पर टकराव को लेकर लगातार सवाल कर रही है कांग्रेस
भारत और चीन के बीच करीब चार महीने से ज्यादा समय से लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव चल रहा है। 15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। इसके बाद लगातार कई स्तर की वार्ता दोनों देशों के बीच हो चुकी है लेकिन अभी भी रिश्तों में तनातनी है। बताया गया है कि और चीन कई जगहों पर वापस नहीं हट रहा है। इसको लेकर कांग्रेस लगातार नरेंद्र मोदी पर हमलावर है और उनकी सरकार को मामले में फेल बता रही है।
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