Budget Session: संबोधन में राहुल ने कई बार किया तमिलनाडु का जिक्र, वजह पूछने पर बोले- 'मैं तमिल हूं ना'
नई दिल्ली, 2 फरवरी: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने गरीबी, बेरोजगारी, पेगासस समेत कई मुद्दों को उठाया। साथ ही मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना की। अपने संबोधन में राहुल ने कई बार तमिलनाडु का जिक्र किया। संसद से बाहर निकलते वक्त जब पत्रकारों ने उनसे इसको लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि मैं तमिल हूं ना। हालांकि वो अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश का जिक्र नहीं करने के सवाल से बचते रहे।

वहीं दूसरी ओर राहुल ने संसद में बेरोजगारी के मुद्दे को जोरशोर से उठाया। उन्होंने कहा कि जब यूपीए की सरकार थी तो 27 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला गया था, जबकि मोदी सरकार ने 23 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेल दिया है। उन्होंने जीएसटी और नोटबंदी के लिए भी मोदी सरकार की आलोचना की। राहुल के मुताबिक सरकार के दोनों कदमों ने असंगठित क्षेत्र को खत्म कर दिया। जिससे अब दो हिंदुस्तान बन गए हैं। इसमें एक अमीरों का भारत है, जबकि दूसरा गरीबों का।
माफी मांगने की मांग
अपने संबोधन में राहुल ने कहा कि न्यायपालिका, चुनाव आयोग और पेगासस राज्यों के संघ की आवाज को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण हैं। राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट करते हुए माफी मांगने के लिए कहा है। वहीं मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि राहुल गांधी एक कन्फ्यूज व्यक्ति हैं और कन्फ्यूज व्यक्ति ऐसी ही बात करेगा।












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