'पार्टी जीरो हो चुकी है': कांग्रेस MLA ने दिया इस्तीफा, नेतृत्व को लेकर ये क्या कह दिया?
कांग्रेस पार्टी को गुजरात में लोकसभा चुनावों से पहले बड़ा झटका लगा है। खंबात से पार्टी के एमएलए चिराग पटेल ने अपनी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी को भी अलविदा कह दिया है।
चिराग पटेल ने कांग्रेस पार्टी को लेकर काफी-कुछ कहा है और दावा किया है कि पार्टी के अन्य विधायक को भी वहां रहकर घुटन महसूस हो रही है और आने वाले दिनों में और भी एमएलए कांग्रेस छोड़ सकते हैं।

कांग्रेस को सिर्फ विरोध करने की आदत- इस्तीफा देने वाले विधायक
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा,'जब मोदी देश के हित में कोई कठोर कदम उठा रहे हैं तो कांग्रेस को सिर्फ विरोध करने की आदत पड़ी हुई है....।'
उन्होंने कहा, 'जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर विशेष दर्जा खत्म करने का फैसला ऐतिहासिक था, फिर भी कांग्रेस नेताओं ने पीआईएल फाइल कर दिया। राष्ट्रवाद और जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस नेता पीछे हट जाते हैं...जब हमारे चुनाव क्षेत्र के लोगों की भावनाएं राष्ट्रवाद के साथ है, मुझे इस पार्टी में रहना उचित नहीं लगा और मैंने एमएलए के तौर पर अपना इस्तीफा सौंप दिया।' उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस के रवैए पर सवाल उठाया।
गुजरात में कांग्रेस के बचे सिर्फ 16 एमएलए
पटेल के इस्तीफे के साथ ही गुजरात विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के विधायकों की संख्या 17 से भी घटकर सिर्फ 16 रह गई है। उन्होंने कहा,'कई साथी विधायक घुटन महसूस कर रहे हैं और हो सकता है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस छोड़ दें....ज्यादातर (कांग्रेस) विधायक कामकाज के तरीके से खुश नहीं हैं और पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। नए चेहरों और युवाओं को पार्टी में कोई प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है।'
कांग्रेस नेतृत्व के रवैए पर उठाया सवाल
हाल में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी समय के साथ जनता का विश्वास खोती जा रही है। उन्होंने कहा है कि पार्टी 'हीरो' से अब 'जीरो' हो चुकी है। उन्होंने राज्य में पार्टी की गतिविधियों को दिल्ली के एयर-कंडीशन वाले बंगलों से संचालित किए जाने के तौर-तरीके की भी जमकर आलोचना की है।
चिराग पटेल पहले बीजेपी से जुड़े थे और पार्टी के युवा मोर्चा के सदस्य थे। लेकिन, पिछले साल विधानसभा चुनावों में टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया था और आणंद जिले की खंबात सीट से पहली बार चुनाव जीते थे।
लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा झटका
2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने गुजरात की सभी 26 सीटें जीत ली थी। इस बार भी पार्टी यही लक्ष्य लेकर चल रही है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का गृह राज्य है।
ऐसे में 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस विधायकों का पार्टी से मोहभंग होना विपक्ष की सेहत के लिए बहुत बुरी खबर है।












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