कांग्रेस नेता उदित राज ने EWS आरक्षण के फैसले पर उठाए सवाल, कहा-'SC जातिवादी है, कोई शक नहीं !'
गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण का आदेश बरकरार रहेगा। मामले में 5 जजों की संवैधानिक पीठ सुनवाई कर रही थी, लेकिन फैसला 3-2 से आया है। यानि कि आरक्षण के फैसले पर जजों ने सहमति जताई है, जबकि 2 जजों ने असहमति जताई है। वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर कांग्रेस नेता उदीत राज ने ऐसी टिप्पणी की है, जिससे विवाद खड़ा हो गया है।

कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को ही जातिवादी बता दिया। उन्होंने कहा कि "सुप्रीम कोर्ट जातिवादी है, इसमें कोई शक नहीं! क्योंकि जब ईडब्ल्यूएस आरक्षण की बात आई तो आरक्षण की अधिकतम 50% संवैधानिक सीमा को पलट दिया गया। उन्होंने कहा कि लेकिन जब भी एससी/एसटी/ओबीसी को आरक्षण देने की बात आती है, तो 50% की सीमा में लगी इंदिरा साहनी मामले का हवाला दिया जाता है।
कांग्रेस नेता उदित राज यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि मैं गरीब सवर्णों के आरक्षण के विरुद्ध नहीं हूं, बल्कि उस मानसिकता का हूं कि जब-जब एससी/एसटी/ओबीसी का मामला आया तो हमेशा SC ने कहा कि इंदिरा साहनी मामले में लगी 50% सीमा पार नहीं की जा सकती है।
उदिराज की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता कमरुज्जमां चौधरी भी सहमत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उदित राज की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता कमरुज्जमां चौधरी ने भी सहमति जताई है। टाइम्स नाउ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे उदित राज की टिप्पणी से सहमत हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ईडब्ल्यूएस कोटा पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अपनी आधिकारिक स्थिति बाद में बताएगी।
आपको बता दें कि न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ द्वारा गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने पर आज फैसला सुनाया गया। जस्टिस ललित और रवींद्र भट ने फैसले पर असहमति जताई, जबकि जस्टिस माहेश्वरी, त्रिवेदी और पारदीवाला ने EWS कोटे पर सहमति जताई।
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