सुष्मिता देव के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता सुरजेवाला बोले- सोनिया गांधी को उनका कोई पत्र नहीं मिला है
नई दिल्ली, 16 अगस्त। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने रविवार को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे इस्तीफे में सुष्मिता ने मौके देने और मार्गदर्शन के लिए सोनिया गांधी का आभार जताया था। सूत्रों के अनुसार सुष्मिता देव ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो रही हैं। इस सबके बीच अब कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बयान दिया है।
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रणदीप सुरजेवाला ने कहा मैंने सुष्मिता देव से बात करने की कोशिश की, उनका फोन बंद था। वह एक समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता थीं और शायद आज भी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को उनका कोई पत्र नहीं मिला है. वह अपने फैसले लेने के लिए काफी परिपक्व है, जब तक मैं उससे बात नहीं करता तब तक टिप्पणी नहीं कर सकता।
तृणमूल में शामिल होने के बाद सुष्मिता त्रिपुरा की प्रभारी बनाई जा सकती है। ध्यान रहे देश के पांच राज्यों के साथ 2022 में त्रिपुरा में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। त्रिपुरा में बड़ी संख्या बांग्ला भाषी जनसंख्या है और इसीलिए टीएमसी आगामी चुनाव में सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएगी।।
गौरतलब है कि सुष्बता दें सुष्मिता ने 2014 में सिलचर से लोकसभा चुनाव जीता था लेकिन लंबे समय से कांग्रेस में वो घुटन महसूस कर रही थीं। ये मुद्दे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए था जिस कानून का कांग्रेस विरोध कर रही थी लेकिन सुष्मिता असम के जिस बराक वैली से ताल्लुक रखती है जहां के हिदू इस कानून के पक्ष में है। इसलिए सुष्मिता देव कांग्रेस में रहकर अपनो से बैर नहीं लेना चाहती थीं।
एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन में सीटों के बंटवारे से भी सुष्मिता नाराज थीं उन्होंने कांग्रेस छोड़ने की धमकी दी लेकिन राहुल गांधी की करीबी सुष्मिता को गना लिया गया था और वो एक सप्ताह पहले ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने गई थीं। सुष्मिता ने दिल्ली एयरपोर्ट पर राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी जब राहुल श्रीनगर से लौट रहे थे.
राहुल गांधी की करीबी रह सुष्मिता को राहुल ने महिला कांग्रेस की कमान सौंपी थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, प्रियंका चतुर्वेदी के बाद अब कांग्रेस छोड़ने वाले युवा नेताओं में सुष्मिता देव का नाम भी शामिल हो गया है. सुष्मिता देव को प्रियंका गांधी के करीब भी माना जाता था प्रियंका पिछले चुनाव में सष्मिता के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए सिल्चर भी पहुंची थीं।
सुष्मिता देव असम के बंगाली परिवार से ताल्लुक रखती हैं। बंगाली सुष्मिता देव के पिता स्वर्गीय संतोष मोहन देव पांच बार सिलचर सीट के अलावा दो बार त्रिपुरा पश्चिम सीट से भी लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में सुष्मिता के कांगेस को अलविदा कहने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है वहीं अगर सुष्मिता टीएमसी ज्वाइन करती हैं तो उसका फायदा होता नजर आ रहा है।












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