29 जून को मणिपुर का दौरा करेंगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राहत शिविरों में प्रतिनिधियों से करेंगे मुलाकात

कांग्रेस नेता राहुल गांधी मणिपुर की स्थिति का जायजा लेने के लिए 29 जून को दौरा करेंगे।

मणिपुर में हिंसा की लपटें अभी भी दहक रही हैं, केंद्रीय गृहमंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद भी स्थिति पर अभी तक काबू नहीं किया जा सका है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी 29 जून को मणिपुर का दौरा करेंगे सकते हैं।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांदी 29-30 जून को मणिपुर का दौरा करेंगे। वो राहत शिविरों का दौरा करके इंफाल और चुराचांदपुर में नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात करके बातचीत करेंगे।

rahul gandhi in manipur

बता दें कि राहुल गांधी इससे पहले मणिपुर हिंसा को लेकर बीजेपी को घेर चुके हैं। राहुल गांधी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा था कि मणिपुर में शांति बहाली के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जाना चाहिए। बीजेपी की नफरत की राजनीति ने मणिपुर को जलाए रखा है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रियाओं को निराशा जनक बताया था, साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के इस मुद्दे पर खामोश रहने का आरोप भी लगाया था।

राहुल गांधी ने काफी दिनों पहले एक ट्वीट करते हुए कहा कि भाजपा की नफरत की राजनीति ने मणिपुर को 40 से अधिक दिनों तक जलाए रखा, जिसमें सौ से अधिक लोग मारे गए। पीएम भारत को फेल कर चुके हैं और पूरी तरह खामोश हैं। हिंसा के इस चक्र को समाप्त करने और शांति बहाल करने के लिए राज्य में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जाना चाहिए। आइए इस 'नफ़रत का बाजार' को बंद करें और मणिपुर में हर दिल में 'मोहब्बत की दुकान' खोलें।

वहीं, अगर सरकार के प्रयासों की बात करें तो गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर का दौरा किया था। इस दौरे में उन्होंने लोगों से शांति की अपील की। साथ ही मणिपुर में लगातार हो जातीय हिंसा के बीच शांति कायम करने पर सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा कि इलाकों में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में राज्य मंत्री और विधायक दौरा कर रहे हैं। वहीं, लोगों को विस्थापित करने के लिए गृह मंत्रालय ने 101.75 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मंजूरी दी थी।

बता दें कि मणिपुर में आदिवासियों को लेकर कुछ खास कानून हैं, जिसके तहत वे पहाड़ी इलाकों में रह सकते हैं। वहीं, मैतई समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा न मिलने के कारण वो पहाड़ी इलाकों में नहीं बस सकते हैं। जिसके लिए मैतई समाज खुद को अनुसूचित जाति का दर्जा हासिल करवाने की मांग कर रही है।

मणिपुर में 3 मई को मैतई और कुकी समुदाय में अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मांग के विरोध में हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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