सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पी चिदंबरम, बेटे के खिलाफ कार्रवाई से हैं परेशान
नई दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे के खिलाफ जांच एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं और समन भेज रही हैं। इसी को लेकर पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट से अपने परिवार के साथ निजता और सम्मान के साथ जीने के अधिकार देने के लिए गुहार लगाई है। बता दें, एयरसेल-मैक्सिस और आईएनएक्स मीडिया में वित्तमंत्री रहते हुए अनियमित निकासी करने के आरोप लग रहे हैं।

पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में 100 पन्नों की याचिका दायर की हैं। ये याचिका संविधान के अनुच्छेद 114, 19 और 12 के तहत दायर की गई है। इस याचिका में पी चिदंबरम ने अपने वित्तमंत्री और गृहमंत्री रहते हुए अपने कामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।
पी चिदंबरम ने अपनी याचिका में कहा है कि मोदी सरकार आने के बाद सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय उन्हें और उनके बेटे को निशाना बना रही है। उन्होंने पूछा है कि जांच एंजेसियों का असली एजेंडा क्या है उन्हें निशाना बनाने का। उन्होंने कहा है कि इन सबकी वजह से मुझे और मेरे बेटे को पीड़ा और अपमान सहन करना पड़ रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आरोप लगाया कि जांच एंजेसियों द्वारा दुर्भावनापूर्ण रूप से गलत सूचनाएं मीडिया में लीक कर रह रही है।
वहीं दूसरी ओर आईएनएक्स मामले में कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। अब इस मामले में छह मार्च को फिर से सुनवाई होनी है। कोर्ट ने एक मार्च को पेश होने के ईडी के समन पर भी कोई आदेश देने से इंकार कर दिया। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कहा गया कि कार्ती कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं।
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