मुंबई आतंकी हमले के बाद दिखी थी भारत की कमजोरी, मनीष तिवारी ने बोला मनमोहन सरकार पर हमला
नई दिल्ली, 23 नवंबर। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक मनीष तिवारी ने अपनी ही तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार पर बड़ा हमला बोला है। दरअसल, मनीष तिवारी ने अपनी एक किताब में ये कहा है कि 2008 मुंबई हमले के बाद भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सख्त एक्शन या फिर युद्धक कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उस वक्त पाकिस्तान के खिलाफ कुछ नहीं करना पूरी दुनिया के सामने हमारी 'कमजोरी की निशानी' बना था। मनीष तिवारी ने मनमोहन सिंह सरकार पर उस आतंकी हमले के बाद देश को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
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अमेरिका की तरह भारत को करनी चाहिए थी कार्रवाई- मनीष तिवारी
मनीष तिवारी ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा है कि जिस तरह अमेरिका ने 9/11 आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के अंदर घुसकर ओसामा बिन लादेन का सफाया किया था, कुछ ऐसी ही कार्रवाई उस वक्त भारत को करनी चाहिए थी। आपको बता दें कि 26/11 आतंकी हमले में साफतौर पर पाकिस्तान का कनेक्शन सामने आया था। 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने मुंबई शहर के ताज होटल को निशाने पर लिया था। इस हमले में आधिकारिक तौर पर 175 लोगों की मौत हो गई थी।
26/11 का मौका पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का समय था- मनीष तिवारी
आपको बता दें कि कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने अपनी किताब '10 Flash Points; 20 Years - National Security Situations that Impacted India' को लॉन्च किया है। इस किताब में मनीष तिवारी ने पिछले दो दशक के दौरान भारत के सामने आई प्रमुख राष्ट्रीय चुनौतियों का वर्णन किया है। इसी किताब में मनीष तिवारी ने कहा है कि मुंबई हमले में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने निर्दोष लोगों का कत्लेआम किया था। ऐसे में उस हमले पर सिर्फ खेद जताना या संयम रखना काफी नहीं था। उस वक्त वो भारत की कमजोरी के रूप में दिखा था। उन्होंने कहा कि 26/11 का हमला एक ऐसा मौका था जब शब्दों से ज्यादा जवाबी कार्रवाई दिखनी चाहिए थी लेकिन भारत की तरफ से कोई जवाबी कार्रवाई नहीं हुई।
आपको बता दें कि मनीष तिवारी ने हाल ही में अपनी ही पार्टी पर ये दूसरी बार बड़ा हमला बोला है। इससे पहले मनीष तिवारी ने पंजाब कांग्रेस में आए सियासी संकट और कन्हैया कुमार के कांग्रेस ज्वॉइन करने को लेकर पार्टी पर निशाना साधा था।












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