'विपक्ष ही देश को दे सकता है नया विकल्प, मनमुटाव की खबरें निराधार', सिब्बल के बयान पर कांग्रेस
कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल ने हाल ही में दावा किया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की वापसी की संभावना है। जिस पर अब कांग्रेस नेता मनीष तिवारी और प्रमोद तिवारी की प्रतिक्रिया सामने आई है।
पंजाब के आनंदपुर साहिब में मीडिया से बात करते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि विपक्ष इस देश को एक विकल्प दे सकता है। हालांकि ये महत्वपूर्ण है कि विपक्षी एकता विचारधाराओं और मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। ये दावा भी निराधार है कि विपक्षी नेता एक साथ नहीं बैठ सकते और उनके बीच मनमुटाव है।

तिवारी ने आगे कहा कि जब विपक्ष विचारधारा के आधार पर एकजुट होता है, तो यूपीए -3 निश्चित रूप से बन सकता है।
प्रमोद तिवारी ने क्या कहा?
वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को दो विचारधाराओं की लड़ाई बताया। जिसमें एक महात्मा गांधी की विचारधारा है, जिस पर यूपीए चल रही, जबकि दूसरी गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की, जिस पर एनडीए है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि आज हम यहां लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए हैं। अगर बीजेपी सत्ता में रहती है, तो वे हर राज्य को मणिपुर जैसा बना देंगे और जाति और धर्म के आधार पर अशांति पैदा करेंगे। ऐसे में बीजेपी के खिलाफ गठबंधन होना चाहिए। बात रही तो पीएम फेस की तो उसमें क्या रखा है? विचारधारा एक है और यही मायने रखता है।
क्या था सिब्बल का बयान?
हाल ही में पूर्व कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि 2024 में यूपीए-3 की सरकार आना 'बहुत संभव' है, क्योंकि विपक्षी दलों में एक समानता नजर आ रही। वो बीजेपी के खिलाफ उम्मीदवार तय करने में 'आदान-प्रदान' के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। उन्होंने विपक्षी पार्टियों को सीएमपी के बजाए 'भारत के लिए नई परिकल्पना' के बारे में बात करने की सलाह दी।












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