लाहौर में मणिशंकर अय्यर बोले- NPR-NRC के मुद्दे पर मोदी-शाह में मतभेद
नई दिल्ली। अक्सर अपने बयानों के कारण विवादों ने रहने वाले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर एकबार फिर विवादों में घिर गए हैं। कल मणिशंकर अय्यर ने शाहीन बाग पहुंचकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। मणिशंकर अय्यर ने इसी सप्ताह पाकिस्तान के लाहौर में एक पैनल डिस्कशन में हिस्सा लिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि, प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बीच NPR और NRC के मुद्दे पर मतभेद है।

उन्होंने कहा कि यह जोड़ी देश में "हिंदुत्व" का चेहरा है। वह सोमवार को पाकिस्तान के लाहौर में एक पैनल चर्चा कार्यक्रम में थे, जिसमें पत्रकार नजम सेठी भी मौजूद थे। अय्यर ने कहा कि, एनपीआर को नरेंद्र मोदी सरकार ने कभी भी एनआरसी स्थापित करने के लिए पूर्ववर्ती नहीं माना है। लेकिन संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने में लिखित में कहा कि, एनपीआर एनआरसी का प्रारंभिक चरण है। उन्होंने कहा कि, इस मुद्दे पर दोनों नेताओं में मतभेद है।
लाहौर में मणिशंकर अय्यर ने कहा, मैं अपन देश के माहौल से निराश हूं। मुझे ऐसा नहीं लगता कि 2014 के बाद मैं उसी मुल्क में रह रहा हूं, जहां मैं 1941 में पैदा हुआ और 6 साल की उम्र में खुद को आजाद भारत का नागरिक महसूस किया। अय्यर बोले, मैं काफी आशा के साथ आया हूं क्योंकि भारत में पिछले चार हफ्ते में जो कुछ हुआ, उसमें वो पॉपुलर काउंटर रिवोल्यूशन है। अब देश को विचाराधारा के नाम पर बांटा जा रहा है।
इसके बाद अय्यर मंगलवार को नई दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए और बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' के वादे पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्होंने 'सबका साथ, सबका विनाश' किया। मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान दौरे पर बीजेपी नेता उमा भारती ने निशाना साधा है। उमा ने कहा कि, पढ़े-लिखे शख्स हैं अय्यर, उन्हें विदेशी मामलों की अच्छी जानकारी है। पूरी प्लानिंग के साथ पाकिस्तान की मदद से भारत में अस्थिरता पैदा करने के लिए वहां गए। कांग्रेस 1947 की तरह हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा करना चाहती है।












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