पीएम मोदी की जाति पूछने वाले बयान पर कांग्रेस नेता सीपी जोशी की मुश्किलें बढ़ीं, चुनाव आयोग ने थमाया नोटिस
जयपुर। राजस्थान में चुनावी संग्राम चरम पर है। 7 दिसंबर को यहां वोटिंग होनी है। ऐसे में हर राजनीतिक पार्टी ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस और बीजेपी में जुबानी जंग जारी है। इसी जुबानी जंग में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी ने कुछ ऐसा कह दिया है कि मुश्किल में घिर गए हैं। हाल ही में नाथद्वारा इलाके के सेमा गांव में डॉ. जोशी द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार के निर्देश पर नाथद्वारा रिटर्निंग अधिकारी ने डॉ. सीपी जोशी को नोटिस जारी कर 25 नवंबर तक मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।

डॉ. जोशी का जवाब आने के बाद निर्वाचन अधिकारी यह तय करेंगे कि उनका यह बयान किस भावना से दिया गया है और क्या यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है? उसके बाद अगर राज्य निर्वाचन विभाग को लगता है कि डॉ. सीपी जोशी ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है तो उनके खिलाफ जिला निर्वाचन अधिकारी मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। आपको बता दें कि ता डॉ. सीपी जोशी ने बुधवार को नाथद्वारा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उमा भारती की जाति के ऊपर सवाल उठाए थे।
सीपी जोशी ने कथित तौर पर कहा कि बीजेपी कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी बताती है। ये लोग कौन हैं सर्टिफिकेट देने वाले। पीएम मोदी और उमा भारती की क्या जाति है। इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में सियासी बयानबाजी का दौर तेज हो गया।
बीजेपी ने भी की चुनाव आयोग से शिकायत
भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की है। बीजेपी ने कहा है कि जिस तरह से सीपी जोशी ने धर्म और जाति आधारित टिप्पणी की है उससे आचार संहिता का उल्लंघन होता है, इसलिए चुनाव आयोग को सीपी पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
राहुल की फटकार के बाद मांगी थी माफी
सीपी जोशी ने राहुल गांधी की डांट के बाद अपने इस बयान के लिए माफी मांग ली थी। पर बीजेपी इस मुद्दे को लगातार हवा दे रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सीपी जोशी की भाषा कांग्रेस के आदर्शों को नहीं दिखाती है, इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।












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