Congress-CPM Alliance: बंगाल, असम और पुडुचेरी में कांग्रेस से गठबंधन को तैयार सीपीएम, केरल में सीधी लड़ाई
Congress-CPM Alliance: वामपंथी पार्टियों के लिए इस वक्त अस्तित्व का संकट है और देश के बड़े हिस्से में सीपीएम का जनाधार लगातार कमजोर होता जा रहा है। पिछले 10 साल में पार्टी त्रिपुरा और बंगाल जैसे राज्यों में सत्ता से बाहर भी हो गई है। अब अपने अस्तित्व को बचाने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) CPI(M) ने गठबंधन की बात कही है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में कांग्रेस के साथ चुनावी तालमेल के लिए तैयार है।
पार्टी का मकसद इन राज्यों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर करना है। हालांकि, केरल में CPI(M) और कांग्रेस आमने-सामने चुनावी मैदान में उतरेंगे। यह फैसला तिरुवनंतपुरम में आयोजित CPI(M) की तीन दिवसीय केंद्रीय समिति की बैठक में लिया गया।

Congress-CPM Alliance: टीएमसी और बीजेपी को हराने के लिए अलायंस
CPI(M) ने बयान जारी कर कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी का उद्देश्य TMC और BJP दोनों को हराना है। ये दोनों दल समाज को ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए बांटने का काम कर रहे हैं। पार्टी ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा कि वह उन सभी ताकतों को एकजुट करने की कोशिश करेगी जो इन दोनों दलों के खिलाफ हैं। हालांकि, बंगाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में पार्टी का एक वर्ग वाम मोर्चा के साथ गठबंधन के खिलाफ है। उनका तर्क है कि वाम दलों के साथ तालमेल से कांग्रेस को कोई खास फायदा नहीं हुआ है। कांग्रेस और वाम मोर्चा ने 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों तथा 2024 के लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
Congress-CPM Alliance अब तक नहीं रहा प्रभावी
- 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 44 और CPI(M) ने 26 सीटें जीती थीं। लेकिन 2021 में दोनों को एक भी सीट नहीं मिली।
- 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि वाम दलों का खाता भी नहीं खुल सका। 2019 लोकसभा चुनाव में दोनों दल अलग-अलग लड़े थे, जिसमें कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं।
- अब तक के चुनावी नतीजे इस बात की गवाही दे रहे हैं कि सीपीएम और कांग्रेस का गठबंधन जमीन पर मजबूत नहीं है। गठबंधन में दोनों दलों के वोट एक-दूसरे को ट्रांसफर नहीं होते हैं।
तमिलनाडु और पुड्डचेरी में भी गठबंधन की तैयारी
CPI(M) ने यह भी स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में पार्टी DMK और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर BJP और उसके गठबंधन को हराने के लिए चुनाव लड़ेगी। असम में CPI(M) ने कहा कि वह सभी गैर-BJP दलों और ताकतों को एकजुट कर सांप्रदायिक और लोगों को बांटने वाली BJP सरकार को हराने की दिशा में काम करेगी। वहीं पुडुचेरी में पार्टी BJP गठबंधन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगी। केरल में CPI(M) ने कांग्रेस की नीतियों की आलोचना करते हुए साफ कर दिया है कि वहां दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला होगा। वाम दल का यह रुख आने वाले चुनावों से पहले विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा करता है।












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