नतीजों से पहले हार मान गई कांग्रेस, उतरीं राहुल के बचाव में

वोटिंग खत्म होने के साथ एग्जिट पोल में निराशाजनक तस्वीर सामने आने के बाद कांग्रेस ने राहुल गांधी को किसी भी दोषारोपण से बचाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पोस्ट पोल सर्वे में कांग्रेस की करारी हार से राहुल का बचाव करने के लिए कांग्रेस की सेना तैयार हो गई है। पार्टी का कोई भी नेता बहस में सामने नहीं आ रहा है। वहीं पार्टी की ओर से कहा गया है कि लोकसभा चुनाव के नतीजे चाहे जो भी हों, यह एक सामूहिक जिम्मेदारी होगी।
कांग्रेस के महासचिव शकील अहमद ने राहुल का सुरक्षा कवच बनने की कोशिश की और कहा कि राहुल गांधी सरकार में नहीं है। वह पार्टी में दूसरे नंबर पर हैं। सोनिया गांधी अध्यक्ष हैं और स्वाभाविक तौर पर यहां स्थानीय नेतृत्व भी है। लिहाजा यह सब सामूहिक है। वोटिंग से पहले और बाद के सर्वेक्षणों को खारिज करने का प्रयास करते हुए शकील ने कहा कि वे 2004 और 2009 के चुनावों में गलत साबित हुए थे और पार्टी 16 मई को वास्तविक नतीजों की प्रतीक्षा करेगी।
एग्जिट पोल से अतिउत्साहित भाजपा ने कांग्रेस को विपक्ष में बैठने की आदत डाल लेने की सलाह ली है। इस सलाह पर शकील ने कहा कि नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी नेताओं ने दो दिन पहले आरएसएस नेताओं से मुलाकात कर यह पूछा था कि क्या उन्हें लोकसभा में विपक्ष का नेता बनना चाहिए या गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर बने रहना चाहिए।












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