Rahul Gandhi Amethi से 2024 में आसानी से जीत जाएंगे चुनाव, कांग्रेस के इंटरनल सर्वे की ताज़ा रिपोर्ट
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के बीच एक दिलचस्प इंटरनल सर्वे सामने आया है। राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की अमेठी लोक सभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।

Rahul Gandhi Amethi लोक सभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के बीच एक दिलचस्प सर्वे में ये दावा किया गया है। बता दें कि 2019 के लोक सभा चुनाव में राहुल गांधी सियासी गलियारों में गांधी परिवार का गढ़ कहे जाने वाले अमेठी लोक सभा सीट बचाने में विफल रहे थे। कांटे की टक्कर के बाद बीजेपी प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को पटखनी दी थी। अब 100 दिन से अधिक की भारत जोड़ो यात्रा और 10 से अधिक राज्यों में पदयात्रा के बाद राहुल के अमेठी से चुनाव लड़ने की संभावना जताई गई है।
राहुल जनत की पहली पसंद
Lok Sabha Election 2024 के संबंध में न्यूज18 की रिपोर्ट में कहा गया है कि कांग्रेस के इंटरनल सर्वे में राहुल जनता की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। पार्टी ने कांग्रेस के जनाधार के संदर्भ में मजबूत लोक सभा सीटों का आकलन शुरू कर दिया है। अमेठी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार कौन होगा ? इस पर सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन कांग्रेस के आंतरिक सर्वेक्षण में राहुल गांधी अमेठी सीट से जनता की पहली पसंद बताए जा रहे हैं। बता दें कि अमेठी सीट से फिलहाल केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भाजपा सांसद हैं।
सबसे सुरक्षित सीट अमेठी
कांग्रेस के इंटरनल सर्वे के संबंध में न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के आम चुनाव में यूपी की अमेठी कांग्रेस के लिए बेहद सुरक्षित सीट होगी। यह भी रोचक है कि उत्तर प्रदेश की ही रायबरेली सीट को भी 'गांधी परिवार के गढ़' की तरह माना और रिपोर्ट किया जाता है। इस सीट से सोनिया गांधी कांग्रेस सांसद हैं, पिछली बार राहुल अपनी सीट नहीं बचा सके, लेकिन सोनिया को जीत मिली थी। इसके बावजूद आंतरिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर दावा किया जा रहा है कि रायबरेली की तुलना में अमेठी अधिक सुरक्षित सीट होगी।

अमेठी से राहुल के चुनाव लड़ने की बात
कांग्रेस की इंटरनल रिपोर्ट के आधार पर सियासी कयासबाजी के बीच ये भी दिलचस्प है कि भारत जोड़ो यात्रा के किसी राजनीतिक मकसद पर राहुल गांधी समेत तमाम कांग्रेसी नेता खामोशी अख्तियार किए रहते हैं। खुद राहुल गांधी ने भी वायनाड के अलावा अमेठी या किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने पर चुप्पी साध रखी है, ऐसे में कांग्रेस या गांधी परिवार के किसी स्पष्ट संकेत के बिना अमेठी से राहुल के चुनाव लड़ने की बात महज संभावना ही मानी जाएगी।

यूपी की सियासत और कांग्रेस
Bharat Jodo Yatra के संबंध में ये बात भी राजनीतिक अहमियत वाली मानी जा रही है कि जब उत्तर प्रदेश में 'जाटलैंड' से राहुल गांधी और बाकी कांग्रेस नेता पदयात्रा करते हुए गुजरे तो राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मुखिया जयंत चौधरी ने भारत जोड़ो यात्रा से दूरी बनाए रखी। राहुल ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती समेत जयंत को भी आमंत्रित किया था। दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों ने शुभकामनाएं दीं, लेकिन जयंत अभी तक बिल्कुल खामोश हैं। ये भी अहम है कि यूपी की सियासत में कांग्रेस का जनाधार कमजोर है। विधानसभा में बीजेपी के पास प्रचंड बहुमत है।
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अंतिम फैसला गांधी परिवार के हाथ
अमेठी में राहुल की वापसी की संभावना के सवाल पर सियासी पंडितों का मानना है कि 2019 में मिली मात के बाद भले ही राहुल अमेठी से दूरी बनाते दिखे हों, लेकिन भारत जोड़ो यात्रा के तहत पदयात्रा में जनसंपर्क के अलावा भी अमेठी में राहुल गांधी की सक्रियता बढ़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कड़ाके की सर्दियों के बीच हाल ही में राहुल गांधी ने अमेठी में 20 हजार कंबल बंटवाए हैं। कोरोना महामारी के दौरान राहुल गांधी के सौजन्य से ऑक्सीजन और दवाइयों की खेप अमेठी भिजवाने की खबरें भी सुर्खियों में रही थीं। न्यूज18 की रिपोर्ट में कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने कहा, अमेठी हमेशा से गांधी परिवार की मजबूत सीट रही है, लेकिन चुनाव किस सीट से लड़ना है, इस पर अंतिम फैसला राहुल गांधी को करना है।

रायबरेली सीट पर सोनिया के बदले पंडित नेहरू की रिश्तेदार !
खबरों में कहा जा रहा है कि पार्टी के आंतरिक सर्वे रिपोर्ट पर गंभीरता दिखाते हुए गांधी परिवार समेत पूरी कांग्रेस पार्टी अमेठी में एक्टिव हो गई है। रिपोर्ट में अमेठी से राहुल पहली पसंद हैं, लेकिन अगर वे चुनाव नहीं लड़ते हैं तो प्रियंका गांधी भी मैदान में उतर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार अगर बढ़ती उम्र और सेहत का हवाला देते हुए रायबरेली सीट से सोनिया गांधी 2024 में नहीं लड़ती हैं तो देश के पहले प्रधानमंत्री पंडिच जवाहरलाल नेहरू की रिश्तेदार शीला कौल के किसी रिश्तेदार को टिकट दिए जाने का सुझाव दिया गया है। बता दें कि शीला कौल नेहरू की रिश्तेदार होने के अलावा रायबरेली से सांसद भी रह चुकी हैं।
बनारस के बयान से शुरू हुई अटकलें
कांग्रेस पर नजर रखने वाले सियासी पत्रकारों का मानना है कि अमेठी से राहुल गांधी के चुनाव न लड़ने पर प्रियंका को उम्मीदवार बनाना और रायबरेली से कौल परिवार के सदस्य को टिकट देना गांधी परिवार के अंतिम फैसलों पर आधारित होगा। बता दें कि वाराणसी में कांग्रेस नेता अजय राय ने राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था। यहीं से तमाम कयासबाजी शुरू हुई है।












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