मणिपुर हिंसा पर CM बीरेन सिंह का 'सॉरी', कांग्रेस ने पूछा, पीएम मोदी ने क्यों नहीं किया दौरा?
Manipur violence: मणिपुर में पिछले साल मई से जातीय हिंसा जारी है, जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मंगलवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह द्वारा राज्य में हो रही जातीय हिंसा के लिए माफी मांगे जाने के बाद कड़ा विरोध जताया।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने 'X' पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी क्यों मणिपुर जाकर वही बातें नहीं कहते, जबकि वह देश और दुनिया भर में यात्रा करते हैं। "प्रधानमंत्री मणिपुर क्यों नहीं जा सकते और वहां यही बात क्यों नहीं कह सकते? वह 4 मई, 2023 के बाद से जानबूझकर राज्य का दौरा करने से बचते रहे हैं," रमेश ने अपनी पोस्ट में कहा। "मणिपुर के लोग इस उपेक्षा को समझ नहीं पा रहे हैं," उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री बीरेन सिंह मांगी जनता से माफ़ी
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि उन्हें राज्य की हिंसा पर पछतावा है और वह राज्य के लोगों से माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा साल मणिपुर के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। पिछले कुछ महीनों में कई लोग अपने प्रियजनों को खो चुके हैं और कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। मुझे इसका पछतावा है और मैं माफी मांगता हूं।"
एन बीरेन सिंह ने कहा कि मैं राज्य में हुई घटनाओं के लिए माफी चाहता हूं। कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया और कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। मुझे अफसोस है और मैं माफी मांगता हूं। लेकिन पिछले तीन-चार महीनों में जो शांति देखी गई है, मुझे उम्मीद है कि आगामी वर्ष में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, "जो कुछ भी हुआ वह हुआ... मैं सभी समुदायों से अपील करता हूं कि वे हमारे अतीत की गलतियों को माफ करें और एक नए सिरे से शांति और समृद्ध मणिपुर में एक साथ जीवन शुरू करें।"
मणिपुर में हिंसा के आंकड़े
मणिपुर में इम्फाल घाटी में बसे मैतेई समुदाय और आसपास की पहाड़ी क्षेत्रों में बसे कूकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा जारी है, जिससे सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में पूरे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में होने वाली हिंसा का लगभग 77 प्रतिशत मणिपुर में हुआ।
मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा कि मई से अक्टूबर 2023 तक 408 फायरिंग घटनाएं रिपोर्ट की गईं। नवंबर 2023 से अप्रैल 2024 तक 345 फायरिंग घटनाएं हुईं, जबकि इस वर्ष मई से अब तक 112 फायरिंग घटनाएं रिपोर्ट की गईं।
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