मणिपुर में शांति बहाली के लिए CM एन बीरेन सिंह की पहल, पुलिस भर्ती में मेइती और कुकी समुदाय के लोग होंगे शामिल
Manipur: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को घोषणा की कि हाल ही में भर्ती किए गए पुलिस कैडेट्स जिनमें मेइती और कुकी समुदाय के लोग भी शामिल हैं। उनको एक टीम के रूप में तैनात किया जाएगा। यह कदम जातीय हिंसा से प्रभावित इस पूर्वोत्तर राज्य में शांति बहाल करने के प्रयासों का हिस्सा है।
सोमवार को लाचित बोर्फुकन पुलिस अकादमी में मणिपुर पुलिस के लगभग 2,000 नए कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा किया। इस कार्यक्रम में मणिपुर और असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

समुदायों के बीच विभाजन को नहीं होने देंगे
समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति के कारण समुदाय-आधारित विभाजन हुआ है। पहले ऐसा नहीं था और भविष्य में इसे होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि नए प्रशिक्षित कर्मी उसी तरह साथ काम करेंगे। जैसे उन्होंने यहां प्रशिक्षण लिया है। मुख्यमंत्री ने इस टीम भावना को बनाए रखने और राज्य में शांति बहाल करने के प्रयासों पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि हमने मणिपुर की एकता को बहाल करने का प्रयास शुरू कर दिया है। इन नए पुलिसकर्मियों की तैनाती भी एक टीम के रूप में की जाएगी। हम इस टीम को अलग नहीं करेंगे।
भर्ती में विविधता का प्रदर्शन
लाचित बोर्फुकन पुलिस अकादमी से उत्तीर्ण हुए 1,946 कैडेट्स में जातीय विविधता स्पष्ट रूप से झलकती है। इनमें 62 प्रतिशत मेइती, 12 प्रतिशत कुकी और शेष 26 प्रतिशत नागा और अन्य जनजातियों से हैं।
मणिपुर में कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री का बयान
मणिपुर की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति जटिल है और सामान्य होने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि राज्य में शांति लौट रही है।
अवैध घुसपैठ पर चिंता
हाल ही में मणिपुर में अवैध रूप से घुसे बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समस्या केवल उनके राज्य की नहीं है। बांग्लादेशियों की अवैध घुसपैठ मणिपुर, असम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों में हो रही है। यह हमारे क्षेत्र की समस्या है और इसे हमें मिलकर सुलझाना होगा।
राज्य में शांति के लिए नई उम्मीद
यह भर्ती और तैनाती मणिपुर में शांति स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व में यह पहल जातीय समुदायों के बीच सहयोग और विश्वास को फिर से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मणिपुर पुलिस के नए कैडेट्स के एकजुट होकर काम करने से राज्य में हिंसा और विभाजन को रोकने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।












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