गृहमंत्री के 'हैदराबाद मुक्ति' कार्यक्रम पर CM केसीआर का हमला, लगाया विभाजनकारी राजनीति का आरोप
नई दिल्ली, 17 सितंबर। गृहमंत्री अमित शाह ने आज हैदराबाद में 'हैदराबाद मुक्ति' समारोह का उद्घाटन किया है। इस दौरान उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हैदराबाद को आजाद कराने का श्रेय सरदार वल्लभभाई पटेल को देते हुए उन लोगों पर कटाक्ष किया जो वोट बैंक की राजनीति और निजी रजाकारों के डर से इस दिन को नहीं मनाते हैं। आपको बता दें कि रजाकरों से मतलब निजी मिलिशिया से है, जिसने हैदराबाद में तत्कालीन निज़ाम शासन का बचाव किया था। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने केसीआर और कांग्रेस पर भी हमला बोला।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि इतने सालों बाद इस देश में एक इच्छा थी कि 'हैदराबाद मुक्ति दिवस' सरकार की भागीदारी के साथ मनाया जाए। लेकिन दुर्भाग्य से 75 साल बीत चुके हैं और यहां शासन करने वाले वोट बैंक के कारण 'हैदराबाद मुक्ति दिवस' मनाने की हिम्मत नहीं कर सके।
गृहमंत्री ने कर्नाटक के लोगों और मराठाओं को दी बधाई
गृहमंत्री अमित शाह ने 'हैदराबाद मुक्ति दिवस' पर तेलंगाना, हैदराबाद-कर्नाटक और मराठवाड़ा के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को भारत संघ में विलय करने के लिए 'रजाकारों' के "अत्याचारों" के खिलाफ हैदराबाद-कर्नाटक और मराठवाड़ा के लोगों ने लड़ाई लड़ी। ऐसे में यहां के लोगों के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। गृहमंत्री ने कहा कि ये लोग जश्न मनाते हैं, लेकिन हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में नहीं। क्योंकि उनमें अभी भी डर है। मैं उनसे कहना चाहता हूं, अपने दिल से डर निकाल दो। क्योंकि अब रजाकार इस देश के लिए फैसले नहीं ले सकते।
वहीं, गृहमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मैं मोदी जी को बधाई देना चाहता हूं। क्योंकि उन्होंने कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं को समझा और हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और टीआरएस शासित तेलंगाना राज्य सरकार दोनों राज्य में अलग-अलग कार्यक्रमों में इस दिन को मना रही हैं। भाजपा के नेतृत्व वाला केंद्र जहां इसे 'क्रूर' निजाम शासन से मुक्ति दिवस बता रहा है, वहीं , केसीआर सरकार 3 दिन तक चलने वाले उत्सव में इसे 'तेलंगाना राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मना रही है। उन्होंने हैदराबाद और तेलंगाना की जनता से अपील करते हुए कहा कि आप बड़ी संख्या में आइए और 'हैदराबाद मुक्ति' दिवस का जश्न मनाइए।
बता दें कि आज ही के दिन यानि कि 17 सितंबर, 1948 को तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा शुरू की गई एक सैन्य कार्रवाई के बाद हैदराबाद को भारतीय संघ में मिला दिया गया था। इससे पहले यानि कि देश के आजाद होन के बाद भी हैदराबाद पर निजाम का शासन था।
गृहमंत्री अमित शाह पर मुख्यमंत्री KCR ने किया पलटवार
गृहमंत्री के कार्यक्रम को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने हमला बोला है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर "विभाजनकारी राजनीति करने" का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति से आपसी सौहार्द खराब होंगे। केसीआर ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक के दौरान केंद्र सरकार से आदिवासी समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि आज पीएम मोदी का जन्मदिन है, इसलिए मैं हाथ जोड़कर इस बिल की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पीएम मोदी इस विधेयक को पास करेंगे, तो उसे राष्ट्रपति द्वारा भी पास कर दिया जाएगा। क्योंकि इस वक्त देश की राष्ट्रपति भी आदिवासी समुदाय से हैं।
केसीआर यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह उनकी सरकार 10 प्रतिशत आरक्षण को लेकर आदेश जारी करेगी। क्या पीएम मोदी इस पर सहमति जताएंगे। ऐसे में केसीआर के 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग वाले बयान को नए कदम के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि 2024 के चुनाव में पार्टी इस मुद्दे को उठा सकती है।
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