'जब देश की बात हो तो, पार्टी की बात छोड़...', CM केजरीवाल ने पीएम मोदी को दिया ये ऑफर
'जब देश की बात हो तो, पार्टी की बात छोड़...', CM केजरीवाल ने पीएम मोदी को दिया ये ऑफर
CM Arvind Kejriwal On PM Modi visits Gujarat school: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के एक स्कूल के दौरे पर टिप्पणी की है। सीएम केजरीवाल इसके जरिए दिल्ली सरकार के "शिक्षा मॉडल" की तारीफ की और पीएम मोदी को एक ऑफर भी दिया है। इसके लिए आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। अरविंद केजरीवाल ने अपने पहले ट्वीट में कहा, ''मुझे बेहद खुशी है कि आज देश की सभी पार्टियों और नेताओं को शिक्षा और स्कूलों की बात करनी पड़ रही है। ये हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं उम्मीद करता हूं कि केवल चुनाव के दौरान शिक्षा याद ना आए। सभी सरकारें मिलकर महज 5 साल में सभी सरकारी स्कूलों को शानदार बना सकते हैं।''

पीएम सर, प्लीज+। मिलके करते हैं ना। देश के लिए...'
सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, ''पीएम सर, हमने दिल्ली में शिक्षा में शानदार काम किया है। 5 साल में दिल्ली के सारे सरकारी स्कूल शानदार बना दिए। पूरे देश के स्कूल 5 साल में ठीक हो सकते हैं। हमें अनुभव है। आप हमें पूरी तरह इसके लिए इस्तेमाल कीजिए प्लीज+। मिलके करते हैं ना। देश के लिए।''

'जब देश की बात हो तो पार्टी की बात छोड़कर...'
अरविंद केजरीवाल ने अपने अगले ट्वीट में कहा, ''हमें सबको मिलकर देश को आगे ले जाना है। जब देश की बात हो तो पार्टी की बात छोड़कर, मिलकर काम करना होगा। तभी भारत आगे बढ़ेगा।''

मनीष सिसोदिया ने कसा पीएम मोदी पर तंज
वहीं दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने पीएम मोदी पर तंज कसा है। अपने ट्वीट में मनीष सिसोदिया ने कहा,''मोदी जी आज पहली बार गुजरात के बच्चों के साथ स्कूल जाकर बैठे। 27 साल पहले ये शुरू कर दिया होता तो आज गुजरात के हरेक बच्चे को, शहर से लेकर गांव तक के हर बच्चे को, शानदार शिक्षा मिल रही होती। दिल्ली में 5 साल में हो सकता है तो गुजरात में तो भाजपा 27 साल से सरकार में है।''

'भाजपा के 27 साल के शासन में गुजरात के स्कूल...'
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, ''भाजपा के 27 साल के शासन में गुजरात के सरकारी स्कूलों का हाल ये है, 48,000 स्कूलों में से 32,000 की हालत एकदम खस्ताहाल है, इनमें भी 18,000 में तो कमरे तक नहीं है, टीचर नहीं है, एक करोड़ बच्चों में से अधिकतर का भविष्य अंधेरे में है इन स्कूलों में।''












Click it and Unblock the Notifications