CM अमरिंदर सिंह की चेतावनी-अगर सतलुज-यमुना नहर बनी तो पंजाब जल उठेगा
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सतलज-यमुना संपर्क(एसवाईएल) नहर का विरोध करते हुए मंगलवार को कहा कि अगर राज्य को हरियाणा के साथ पानी साझा करने के लिए कहा जाता है तो पंजाब जलने लगेगा। सतलुज-यमुना लिंक कैनाल को लेकर मंगलवार को हुई बैठक में केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि, पंजाब के इन हालातों का असर राजस्थान और हरियाणा पर भी पड़ेगा।

'पानी साझा करने के लिए कहा गया तो पंजाब जलने लगेगा'
मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सतलुज-यमुना लिंक को लेकर हरियाणा के अपने समकक्ष मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ एक बैठक की। इस बैठक में अमरिंदर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि सतलुज-यमुना लिंक एक भावनात्मक मुद्दा है और इससे देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है। अगर आप सतलुज-यमुना नहर के मुद्दे पर आगे बढ़ते हैं तो पंजाब जल उठेगा और ये एक राष्ट्रीय समस्या बन जाएगी।

हरियाणा और राजस्थान के साथ पंजाब पानी साझा नहीं करना चाहता
कैप्टन ने कहा कि पंजाब में उपजे हालातों का असर हरियाणा और राजस्थान पर भी पड़ेगा। एसवाईएल का निर्माण कार्य कई दशक से चल रहा है। हरियाणा और राजस्थान के साथ पंजाब पानी साझा नहीं करना चाहता है। राज्य का कहना है कि उसके खुद के इस्तेमाल के बाद साझा करने के लिए पानी नहीं बचेगा। इस बैठक में सीएम खट्टर और केंद्रीय मंत्री शेखावत दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े थे। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि दोनों मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर दोबारा चर्चा करेंगे।

क्या है विवाद
यह जल विवाद 1966 में शुरू हुआ जब पंजाब और हरियाणा राज्य अस्तित्व में आए। हरियाणा की मांग थी कि नदी के पानी का बड़ा हिस्सा उसे दिया जाए। हालांकि, पंजाब ने अधिक पानी नहीं होने का हवाला देते हुए इससे इंकार किया। 1975 में इंदिरा गांधी की सरकार में एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से नदी के जल का बंटवारा दोनों राज्यों के बीच किया गया था और कैनाल की शुरुआत की गई थी। 1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कैनाल का निर्माण शुरू किया था।












Click it and Unblock the Notifications