शर्म करो, भूकंप को राहुल गांधी की केदारनाथ यात्रा से जोड़ने वालों
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। शनिवार को नेपाल और भारत में आए जलजले के लिए कुछ सिरफिरे लोग सोशल मीडिया में राहुल गांधी की केदारनाथ यात्रा से जोड़कर देख रहे हैं। इससे बहुत से लोगों को अत्यंत क्षोभ व पीड़ा हुई है। [भूकंप से जुड़ी हर खबर]
इसमें कोई शक नहीं जिस तरह राहुल गांधी की केदारनाथ यात्रा को इससे जोड़कर उनका उपहास उड़ाया जा रहा है, उनको ही इस प्राकतिक आपदा का दोषी ठहराया जा रहा है वह वाकई दिल दहलाने वाला है।
केदारनाथ की त्रासदी हुई
वरिष्ठ लेखक अवधेश कुमार कहते हैं कि किसी के किसी मंदिर जाने का ऐसी घटनाओं का क्या रिश्ता? जब केदारनाथ की त्रासदी हुई थी तब तो राहुल गांधी मंदिर नहीं गए थे। अभी जिस ढंग से बारिश और ओला ने खेती तबाह की कल लोग उसे भी राहुल गांधी से जोड़ देंगे।
राजनीतिक मतभेद
बेशक,राहुल गांधी से आपका राजनीतिक मतभेद हो सकता है। कांग्रेस के आप विरोधी हो सकते हैं। कांग्रेस की वंशवादी नेतृत्व की राजनीति आपको नापसंद होगी। लेकिन राजनीति में मतभेद की सीमा होती है।
नेपाल के साथ भारत
इस बीच,भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ कहा कि नेपाल का संकट भी हमारा ही संकट है। करीब 500भारतीय जवान सारी राहत सामग्री, मोबाइल अस्पताल एवं आपात सेवाओं सहित नेपाल में अपना काम कर रहे हैं।
मोदी ने स्वयं वहां के प्रधानमंत्री से बात की और उनसे लगातार संपर्क में हैं। भरत ने नेपाल की तबाही के इसी तरह लिया है जैसे तबाही हमारी ही हुई है। यानी वहां राहत और पुनर्निर्माण की पूरी जिम्मेवारी भारत की।













Click it and Unblock the Notifications