जलवायु परिवर्तन: जानिए क्या क्या करने जा रहा है भारत
नई दिल्ली। चेन्नई में बारिश का कहर एक जीता-जागता उदाहरण है जलवायु परिवर्तन का। यह जलवायु में परिवर्तन ही है, जिसकी वजह से असमय बारिश, जरूरत से ज्यादा गर्मी और कड़ाके की ठंड अपना कहर बरपाने के लिये कभी भी आ जाती है। पृथ्वी का तापमान और नहीं बढ़े, इसलिये फ्रांस में क्लाइमेट चेंज पर दुनिया भर के देश एकत्र हुए हैं। यह चर्चा करने के लिये कि हम इस दिशा में क्या कर सकते हैं।

बात अगर भारत की करें, तो यह देश ऐसा क्या करने की योजना बना रहा है, जिससे ग्लोबल वॉर्मिंग का असर और नहीं पड़े यह एक बड़ा सवाल है और इसका उत्तर आपको यहां मिलेगा।
निम्न कार्य हैं, जो भारत सरकार की योजनाओं का हिस्सा हैं-
- भारत का हमारा लक्ष्य है 2022 तक 175 गिगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन करे है। 2016 तक लगभग 12 गिगावाट हो जायेगी जो वर्तमान क्षमता से तीन गुनी होगी।
- पहले के सेलुलर फोन की तरह 1800 बिना संपर्क वाले गांवों को बिजली देने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जायेगा।
- जलवायु पर असर नहीं पड़े इसके लिये 2030 तक भारत की 40 प्रतिशत स्थापित क्षमता गैर-फोसिल ईंधन पर आधारित होगी।
- प्रत्येक स्मार्ट सिटी में कूड़ा प्रबंधन की इकाई स्थापित होगी, ताकि बिजली बनाने के लिये उपयुक्त कूड़े को अलग किया जा सके।
- देश में 50 नई मेट्रो रेल परियोजनाएं स्थापित की जायेंगी, ताकि लोग निजी वाहन छोड़ सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग ज्यादा करें।
- ताप उर्जा संयंत्रों में अति महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी में निवेश होगा। थर्मल प्लांट में निकलने वाले कार्बन को नियंत्रित किया जायेगा।
- कोयला पर कर लगाया है और पेट्रोलियम उत्पादों पर सबसिडी कम की है। ताकि लोग बस, ट्रेन, मेट्रो की ओर आकर्षित हों।
- पिछले कुछ महीनों में लाखों लोगों ने एलईडी बल्ब लगाना शुरु किया है। यह परियोजना जारी रहेगी, ताकि बिजली की बचत हो।
- हजारों दूरसंचार टावरों को ईंधन देने के लिए डीजल की जगह ईंधन सेल्स या फिर सोलर सेल लगाये जायेंगे। इससे प्रदूषण कम होगा।
- घरों में सोलर प्लांट यानि सौर्य ऊर्जा संयंत्र लगाने पर बल दिया जायेगा। इससे बिजली की बचत होगी।












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