लापता गोपाल दास की मां ने गंगा संरक्षण के लिए शुरू किया आमरण अनशन
देहरादून। गंगा नदी के संरक्षण के लिए अनशन कर रहे संत गोपाल दास पिछले कुछ दिनों से दून के अस्पताल से गायब है। काफी खोजबीन के बाद अभी तक उनको कोई अता पता नहीं है। बेटे के गायब होने के बाद अब संत गोपालदास की मां शकुंतला देवी ने बुधवार से त्रिवेणी घाट पर अपना अनशन शुरू कर दिया है। बता दें कि गंगा कानून लागू करने की मांग को लेकर कई संतों ने अपने प्राण त्याग चुके हैं।

बेटे ने इस आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया
संत गोपालदास की 60 वर्षीय मां ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह उनका बेटा ही था जिसने उनको इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने गंगा के कल्याण के लिए उपवास किया। अब मैं इसे जारी रखूंगी। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार गंगा संरक्षण के लिए कानून नहीं लाता है तब तक उनका अनशन चलता रहेगा। इसके साथ उन्होंने कहा कि सरकार पता करे कि उनका बेटा कहा गया है।संयोग से गोपाल दास भी मैत्री सदन में रहते थे, ये वही आश्रम है जहां जीडी अग्रवाल रहते थे।

मैत्री सदन के प्रमुख ने जताई हत्या की आशंका
जीडी अग्रवाल पर्यावरणविद थे जो गंगा को बचाने के लिए अपने अनिश्चितकालीन उपवास के 112 वें उनकी मौत हो गई। बता दें कि गोपाल दास को उत्तराखंड पुलिस ने मैत्री सदन से उठाई थी और 4 दिसंबर को दून मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। उसके बाद गोपाल दास वहां से लापता हो गए। उनके सहयोगियों को डर है कि उनकी हत्या कर दी गई है। मैत्री सदन के प्रमुख स्वामी शिवानंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें संदेह है कि गोपाल दास को मार दिया गया है क्योंकि उनके गायब होने के पीछे कोई और मकदस नहीं है।

6 दिसंबर को आखिरी बार दिखे गोपाल दास
सूत्रों का कहना है कि 6 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज के परिसर को छोड़कर सीसीटीवी कैमरे में दास को आखिरी बार देखा गया था। मैत्री सदन विशेष रूप से पर्यावरणविद् जी डी अग्रवाल, इंजीनियरिंग के पूर्व प्रोफेसर और हिंदू तपस्या के साथ गवाह होने का साक्षी रहा है, जिन्होंने 22 जून को अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया और अंततः 11 अक्टूबर को उनकी मृत्यु हो गई।












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