6वीं की छात्रा 10 किमी चलकर पहुंची DM ऑफिस, कलेक्टर से की पिता की शिकायत
भुवनेश्वर। अगर अपने हक चाहिए तो उसके लिए लड़ना होगा। फिर वह लड़ाई चाहे सिस्सट में हो या फिर अपने घर में ही। ऐसा ही उड़ीसा के केंद्रापाड़ा जिले में छठीं कक्षा में पढ़ने वाली एक बच्ची के साथ हुआ तो वह 10 किमी पैदल चलकर डीएम ऑफिस में पहुंच गई। वहां उसने डीएम से अपने लालची पिता की शिकायत कर दी कि कैसे उसका पिता उसके स्कूल से मिलने वाला मिड-डे मील का पैसा और राशन हड़प लेता है।

बच्ची की शिकायत पर डीएम समर्थ वर्मा ने विभागीय अधिकारियों को आदेश दिया कि वे सुनिश्चित करें के आगे से बच्ची के एकाउंट में लाभ सीधे ट्रांसफर हो। साथ ही पिता ने जो भी राशि और राशन अभी तक लिया है उसे भी बच्ची को वापस दिलाया जाए।
दरअसल जब से कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन शुरू हुआ तो स्कूल बंद हो गए। ऐसे में सरकार ने बच्चों के लिए 8 रुपये प्रतिदिन तय किए जो उनके खाते में भेजे जाने थे। अगर बच्चे के पास अपना अकाउंट नहीं है तो ये राशि अभिभावक के खाते में डालने का नियम है। साथ ही प्रतिदिन 150 ग्राम प्रतिदिन चावल भी देना तय किया गया है।
बच्ची के पास है अपना खाता
इस बच्ची के पास अपना बैंक खाता होने के बाद भी मिड डे मील के लिए दी जाने वाली राशि पिता के खाते में जाती रही। खास बात ये है कि बच्ची अपने पिता के साथ रहती भी नहीं लेकिन उसके हिस्से का चावल भी पिता जाकर लेता रहा। जब मना करने पर भी वह नहीं माना तो बच्ची ने खुद ही जाकर शिकायत करने का हौसला जुटाया और निकल पड़ी।
पिता ने की है दूसरी शादी
बच्ची की मुश्किलें तब शुरू हुई जब दो साल पहले उसकी मां की मौत हो गई। मां की मौत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली और बच्ची अब अपने एक अंकल के साथ रहती है।
वहीं बच्ची की शिकायत पर केंद्रापाड़ा के कलेक्टर समर्थ वर्मा ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। डीएम के आदेश के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आ गए। केंद्रापाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी ने बच्ची के खाते में आगे से पूरी राशि पहुंचने के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूल के हेडमास्टर को ये भी आदेश दिया है कि अब मिड डे मील के तहत मिलने वाला राशन बच्ची के सिवा किसी और को न दिया जाए।












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