Caste Census पर फिर घमासान, चिराग पासवान ने किया खुलकर समर्थन, दोहराई राहुल-अखिलेश की मांग!
जातिगत जनगणना को लेकर देश में बहस थमती नहीं दिख रही। भले ही केंद्रीय स्तर पर भाजपा इसे लेकर विपक्ष पर हमलावर हो लेकिन अब मोदी सरकार के मंत्री चिराग पासवान ने एनडीए से एक बार फिर अलग अपना रुख दिखाया। उन्होंने राहुल गांधी और सपा नेता अखिलेश यादव की मांग को समर्थन देते हुए कहा कि जातिगत जनगणना भले ही समाज में एक अलग भावना पैदा करती है, लेकिन सरकार के पास कम से कम जातीय डेटा होना जरूरी है।
देश में जातिगत जनगणना को लेकर केंद्र ने अपना रूख स्पष्ट नहीं किया है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फिर से शनिवार को एक बार फिर देशभर में जातिगत जनगणना (Caste Census) कराने की मांग दोहराई। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में संविधान सम्मान सम्मेलन और उसके बाद एक एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा कि वह जिस जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं वह सीधे तौर पर देश के संविधान की रक्षा से जुड़ी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जाति जनगणना होकर रहेगी।

इस बीच एनडीए से हटकर रुख दिखाते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ी बात कही। उन्होंने जातिगत जनगणना को उचित बताया और रविवार को कहा, "मेरी पार्टी ने हमेशा अपना रुख स्पष्ट रखा है कि वह जाति जनगणना के पक्ष में है. हम चाहते हैं कि जाति जनगणना हो। इसका कारण यह है कि कई बार राज्य सरकार और केंद्र सरकार कई ऐसी योजनाएं बनाती है जो जाति को ध्यान में रखकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की सोच रखती है, ऐसे में सरकार के पास कम से कम उस जाति की जनसंख्या की जानकारी तो होनी ही चाहिए उस योजना के संबंध में या उस जाति को मुख्यधारा से जोड़ने के संबंध में राशि आवंटित की जा सकती है, ये आंकड़े कम से कम सरकार के पास होने चाहिए...।"












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