ताली बजाने से खत्म नहीं होगा कोरोना वायरस, गलत जानकारी से रहें दूर
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस का खतरा जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से इससे जुड़ी कुछ अफवाहें भी फैल रही हैं। ऐसी ही एक गलत जानकारी है, ताली बजाने से वायरस का मर जाना। इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहुत सी पोस्ट शेयर की जा रही हैं, कि ताली बजाने से जो ऊर्जा और वाइब्रेशन आएगी, उससे वायरस का खात्मा हो जाएगा। लेकिन ये सच नहीं है।

जानिए क्या है सच?
इस मामले में फैक्ट चैकिंग वेबसाइट Alt News के फाउंडर प्रतीक सिन्हा ने भी एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने ऐसी ही गलत जानकारी शेयर करने वाली पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा है, 'नहीं, ताली बजाने से वायरस नहीं मरता है! इस तरह की निरर्थक पोस्ट को एक लाख, 30 हजार से अधिक बार देखा गया है। सोशल मीडिया तक की पहुंच वाले लोगों को थोड़ा संयम बरतना चाहिए। यह बिल्कुल गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।'
ताली बजाने को क्यों बोला गया?
जानकारी के लिए बता दें आज यानी 22 मार्च, रविवार के दिन देशभर में जनता कर्फ्यू लगा हुआ है। इस दौरान लोगों से कहा गया है कि सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक घरों से बाहर ना निकलें। इसके साथ ही अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा था कि, जनता कर्फ्यू के दौरान शाम पांच बजे घरों के दरवाजे, खिड़कियों और बालकनियां पर आकर घंटे, तालियां आदि बजाएं। प्रधानमंत्री ने यह अपील उन लोगों के सम्मान में की है जो कोरोना वायरस से जंग में लगातार अपना योगदान दे रहे हैं। जैसे डॉक्टर, नर्स, मीडियाकर्मी और पुलिसकर्मी आदि।

भारत में 324 संक्रमित मामले
बता दें दुनियाभर में वायरस के कारण 13,069 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या 308,547 का आंकड़ा पार कर चुकी है। भारत की बात करें तो यहां भी संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 324 हो गई है, जबकि इस महामारी से 5 लोग मौत के शिकार भी हुए हैं, फिलहाल केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी वायरस के खात्मे के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही हैं।












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