'...आप SC के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं', CJI ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि को लगाई फटकार
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि सुप्रीम कोर्ट एक मामले में फटकार लगाई है। अदालत ने कहा है कि गवर्नर ने डीएमके नेता के पोनमुडी पर दोष सिद्धि पर रोक के बावजूद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल होने के अनुमति नहीं दे रहे हैं, जो कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना है।
डीएमके नेता के पोनमुडी को मंत्रिमंडल में शामिल होने की राज्यपाल से अनुमति ना मिलने के मामले में मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "हम इस मामले में राज्यपाल के आचरण को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं। वह भारत के सर्वोच्च न्यायालय की अवहेलना कर रहे हैं।" सीजेआई ने आगे का कि जब किसी अदालत द्वारा दोषसिद्धि पर रोक लगा दी जाती है, तो राज्यपाल के पास अन्यथा कहने का कोई काम नहीं है।

मामले में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने राज्यपाल आर एन रवि की खिंचाई की। पीठ ने कहा कि राज्यपाल सर्वोच्च न्यायालय की अवहेलना कर रहे हैं।
डीएमके नेता व विधायक पोनमुडी के मंत्रिमंडल में शामिल करने की अनमति ना देने के खिलाफ तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। जिसमें पोनमुडी को मंत्री के रूप में फिर से नियुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा की गई सिफारिश को स्वीकार करने के लिए राज्यपाल रवि को निर्देश देने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को आय से अधिक संपत्ति के मामले में पोनमुडी की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी और तीन साल की जेल की सजा को निलंबित कर दिया था।
याचिता पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल केवल नाममात्र का मुखिया है, जिससे चुनी हुई सरकार के फैसलों को लागू करने की उम्मीद की जाती है। कोर्ट ने कहा, "हमारे आदेश को प्रभावी किया जाना चाहिए। राज्यपाल के पास सरकार को सलाह देने की शक्ति है। ऐसे में कोई भी संवैधानिक पदाधिकारी ऐसा कैसे कह सकता है।"












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