राज्यसभा में पेश होगा नागरिकता संशोधन बिल, पूर्वोत्तर राज्यों में विरोध जारी
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर में भारी विरोध के बीच आज राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया जा सकता है। लोकसभा में पारित होने के बाद अब राज्यसभा में सरकार की कोशिश होगी कि ये बिल पास कराया जाए। जबकि इस बिल को लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी विरोध देखने को मिला है तो वहीं, बीजेपी के सहयोगी दल एनपीपी ने भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार इस बिल को लेकर राज्यसभा में आई तो वे एनडीए से अलग हो जाएंगे।

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड ए संगमा, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। इसके अलावा गृहमंत्री से अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी मुलाकात की थी। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड ए संगमा ने कहा था कि वे पूर्वोत्तर के राजनीतिक दलों से राज्यसभा में इस बिल के विरोध में वोट देने की अपील करेंगे।
असम में नागरिकता संशोदन विधेयक के विरोध में भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका ने भारत रत्न ना लेने का किया है, जिसको लेकर एक बार फिर सियासत तेज होती दिखाई दे रही है। हालांकि भूपेन हजारिका के भाई समर हजारिका ने कहा है कि मुझे लगता है कि भूपेन हजारिका का भारत रत्न मिलना चाहिए, उन्हें भारत रत्न दिए जाने में पहले ही बहुत देरी की जा चुकी है। अगर बिल की बात करें तो, राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है, ऐसे में इस बिल को पारित कराने में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
पूर्वोत्तर के कई राजनीतिक दल और छात्र संगठनों के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस बिल का विरोध किया है। इन दलों ने बिल को राज्यसभा में पारित ना होने देने की अपील भी की है। इस बिल के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दिए जाने की बात कही गई है।












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