नागरिकता बिल पर बोले बसपा के सतीश मिश्रा, सरकार आर्टिकल-14 का उल्लंघन कर रही
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल 2019 का बहुजन समाज पार्टी ने राज्यसभा में विरोध किया है। बसपा सांसद सतीश मिश्रा ने बिल पर बहस के दौरान कहा कि ये बिल संविधान की आत्मा के खिलाफ है, ये देश को बांटने वाला है। मिश्रा ने राज्यसभा में कहा, इस बिल में मुस्लिमों को बाहर रखकर सरकार आर्टिकल 14 का उल्लंघन कर रही है। मुस्लिमों के इससे अलग रखना इस बिल की सबसे बड़ी कमी है। ऐसे में हम इस बिल के विरोध में खड़े हैं।

नागरिकता बिल का बसपा प्रमुख मायावती ने भी विरोध किया है। मायावती ने नागरिकता संशोधन विधेयक को विभाजनकारी और असंवैधानिक बताया है। उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने कहा, बसपा का कहना है कि नागरिकता संशोधन विधेयक पूर्णतः विभाजनकारी व असंवैधानिक है। इसकी वजह से ही बसपा ने लोकसभा में इसके विरोध में अपना मत दिया है और राज्यसभा में भी पार्टी का यही स्टैण्ड रहेगा।
उत्तर प्रदेश की एक और बड़े दल समाजवादी पार्टी ने भी इस बिल का विरोध किया है। राज्यसभा में सपा के जावेद खान ने कहा, ये बिल देश को बांटने वाला और जिन्ना के सपने को पूरा करने वाला है। इस बिल को सभी दल समर्थन कर सकते हैं अगर सरकार जिद छोड़कर दो बातों को बदल दे। खान ने कहा कि बिल से अफगानिस्तान, पाकिस्तान हटाकर पड़ोसी देश कर दें और सिख, हिन्दू की जगह धार्मिक अल्पसंख्यक कर दें। दो बातें कर दीजिए सब मान जाएंगे।
बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा से पास हो चुका है। बुधवार को इस बिल को राज्यसभा में पेश किया गया है। इस पर बहस हो रही है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को इस बिल में नागरिकता देने का प्रस्ताव है। इस बिल में इन तीनों देशों से आने वाले हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है।
नागरिकता संशोधन विधेयक का देश के कई हिस्सों, खासतौर से पूर्वोत्तर में भारी विरोध हो रहा है। वहीं विपक्षी दल और कई संगठन भी इसका विरोधकर रहे हैं। कांग्रेस, वामदलों, टीएमसी, द्रमुक, राजद, सपा, बसपा ने बिल का विरोध किया है।












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