चंद्रबाबू नायडू की बढ़ी मुश्किल, CID ने अब इस मामले में मांगी हिरासत
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की मुश्किलें कम होने का नााम नहीं ले रही हैं। आंध्र प्रदेश की सीआईडी ने टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ एक और याचिका दायर की है। विजयवाड़ा की एसीबी कोर्ट में प्रिजनर्स इन ट्रांजिट वारंट को दायर किया गया है। इसमे कहा गया है कि फाइबर नेट में घोटाला हुआ है। एसीबी कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई का फैसला लिया है।
सीआईडी ने चंद्रबाबू नायडू की हिरासत की मांग की है। बता दें कि सीआईडी ने कौशल विकास घोटाले में गिरफ्तार होने के बाद चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ यह याचिका दायर की है। चंद्रबाबू नायडू पर करोड़ो रुपए के कौशल विकास घोटाले का आरोप है।

कोर्ट ने चंद्रबाबू नायडू को 11 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेजा था। फिलहाल सीआईडी की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई को 21 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है। वहीं चंद्रबाबू नायडू ने कौशल विकास घोटाले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने मंगलवार को यह फैसला सुरक्षित रख लिया है।
सीआईडी का आरोप है कि तीन घोटाले हुए हैं। यह सभी घोटाले 2014 से 2019 के बीच हुए हैं जब चंद्रबाबू नायडू प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। आरोप है कि 321 करोड़ रुपए के फाइबरनेट प्रोजेक्ट के पहले चरण के काम में नियमों की अनदेखी की गई और इसे टेरासॉफ्टवेयर को आवंटित किया गया।
यही नहीं टेंडर में भी हेराफेरी की गई। गौर करने वाली बात है कि इस योजना के तहत प्रदेश के गांवों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी को पहुंचाना था। सीआईडी का आरोप है कि प्रोजेक्ट के आवंटन से लेकर इसके पूरा होने तक के हर चरण में अनियमितता हुई है, जिसके चलते सरकार को काफी नुकसान हुआ है। बहरहाल माना जा रहा है कि सीआईडी की ओर से दायर पीटी वारंट के खिलाफ चंद्रबाबू नायडू हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।












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