लद्दाख के डेमचोक में घुसे चीनी सैनिक, दलाई लामा के बर्थडे सेलिब्रेशन में दिखाए झंडे-बैनर
नई दिल्ली, जुलाई 12: लद्दाख में हाल ही में चीनी सैनिकों ने एक बेहद ही चौंकाने वाली घटना को अंजाम दिया है। चीनी सैनिक और कुछ नागरिक ने डेमचोक क्षेत्र में सिंधु नदी के दूसरी ओर से बैनर और चीनी ध्वज दिखाए हैं। ये विरोध प्रदर्शन उस समय किया गया जब स्थानीय ग्रामीण दलाई लामा का जन्मदिन मना रहे थे। घटना छह जुलाई की है। इस इलाके में चीनी सैनिक उस गांव के पास काफी देर तक रुके।
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इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, चीनी सेना के जवान और नागरिक पांच वाहनों में आए और गांव सामुदायिक केंद्र के पास बैनर लगाए जहां दलाई लामा का जन्मदिन मनाया जा रहा था। एक से चीनी सैनिक डेढ़ घंटे तक इस इलाके में रहे। पिछले हफ्ते, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दलाई लामा को उनके 86 वें जन्मदिन के अवसर पर बधाई दी। 2014 में प्रधान मंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद से यह पहली बार है जब नरेंद्र मोदी ने दलाई लामा के साथ सार्वजनिक रूप से बात करने की पुष्टि की है।
पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा, 'मैंने दलाई लामा से फोन पर बात की है और उन्हें उनके 86वें जन्मदिन पर बधाई दी है। हम उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं।' वहीं, एक वीडियो संदेश में, दलाई लामा ने भारत की प्रशंसा की और कहा, जब से मैं एक शरणार्थी बन गया और अब भारत में बस गया, मैंने भारत की स्वतंत्रता और धार्मिक सद्भाव का पूरा लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि भारत के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों जैसे 'ईमानदारी, करुणा, और अहिंसा' के लिए उनके मन में बहुत सम्मान है।
निर्वासित तिब्बती सरकार के अध्यक्ष पेन्पा त्सेरिंग ने पिछले हफ्ते बताया था कि कोविड -19 की स्थिति बेहतर होने के बाद दलाई लामा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की उम्मीद थी। हाल ही में भारत ने चीन से साथ नीतियों में बदलाव किया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं वर्षगांठ पर भारत सरकार ने चीन को शुभकामनाएं नहीं दी थीं। बता दें कि, साल 2020 में अप्रैल-मई में चीन द्वारा लद्दाख सीमा पर घुसपैठ की कोशिश की गई थी। तभी से ही भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।












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