अवैध निर्माण की खबरों के बीच लद्दाख में चीनी और भारतीय सेना के बीच बैठक, कई अहम मुद्दों पर बात
नई दिल्ली, 1 सितंबर: भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस बीच दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख में एक बैठक की। जिसमें दोनों पक्षों के बीच कई इलाकों में जारी गतिरोध पर बातचीत हुई। सैन्य सूत्रों के मुताबिक ये मेजर जनरल के स्तर पर नियमित बातचीत थी। आमतौर पर हर महीने इस तरह की बातचीत होती है, जिसमें सीमा से जुड़े मुद्दे उठाए जाते हैं। हालांकि इस बैठक को लेकर भारत सरकार, विदेश मंत्रालय या फिर भारतीय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

दरअसल पिछले दो साल से भारत और चीन की सेना के बीच लद्दाख में गतिरोध जारी है। भारत लगातार ये मानता रहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस गतिरोध को सैन्य स्तर की बातचीत से भी दूर किया जा रहा है, जिस वजह से अब तक कोर कमांडर लेवल की 16 बैठकें हो चुकी हैं।
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस सैन्य वार्ता के कुछ अच्छे परिणाम भी आए हैं, जिस वजह से पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट पर गोगरा क्षेत्र में 'डिसएंगेजमेंट' हुआ था।
पैंगोंग के पास कर रहा अवैध निर्माण
हाल ही में सैटेलाइट इमेज से चीन की साजिशों का खुलासा हुआ। जिसमें पता चला कि चीन पैंगोंग झील के पास तेजी से अवैध निर्माण कर रहा है। साथ ही वो नई सड़कें, पुल और टॉवर्स भी बना रहा। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक चीन पिछले गतिरोध से सबक ले रहा है। पिछली बार कई ऊंची वाली जगहों पर चीनी सैनिक नहीं पहुंच पाए थे, जबकि भारतीय सैनिकों ने तुरंत वहां पर मोर्चा संभाल लिया था। इसी वजह से उसे गतिरोध को खत्म करना पड़ा। अब अपने जवानों की जल्द आवाजाही के लिए वो पुल का निर्माण कर रहा है।












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