पहली बार, चीनी राजदूत ने नहीं किया गलवान घाटी पर दावे का जिक्र, याद दिलाई 2 हजार साल पुरानी दोस्ती
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे सीमा विवाद के बीच भारत में चीन के राजदूत सन विडोंग ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने भारत और चीन के दोस्ताना रिश्तों को याद दिलाते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कोई दुश्मनी नहीं है, बल्कि हमारे तो मित्रता के संबंध हैं। हमें एक दूसरे का प्रतिद्वंद्वी नहीं, भागीदार होना चाहिए। ऐसा पहली बार है जब चीनी राजदूत ने अपने बयान में गलवाल घाटी पर चीन का दावे का उल्लेख नहीं किया। इसके स्थान पर सन विडोंग ने दोनों देशों के बीच संघर्ष की खाई को भरने और कई मुद्दों पर एक साथ काम करने पर जोर दिया है।
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सन विडोंग ने 15 जून को दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए हिंसक झड़प पर कहा, दोनों राष्ट्र नहीं चाहते कि ऐसा हो, पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में उस दिन जो हुआ ऐसी स्थिति के बारे में दोनों में से किसी देश ने भी नहीं सोचा था। सन विडोंग ने बताया कि वर्तमान में हमारे फ्रंटलाइन ट्रूप्स मिलिट्री कोर कमांडर सीम पर गतिरोध को कम करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। चीन भारत साझेदार है, ना की दिश्मन। 2 हजार सालों से भी अधिक समय से हमारे मैत्रीय संबंधों का आदान प्रदान रहा है।
चीनी राजदूत सन विडोंग के बयान पर बोलते हुए भारत के रणनीतिक विचारक ब्रह्म चेलानी ने चीन पर सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। ब्रह्म चेलानी ने ट्वीट करते हुए कहा, चीन ने सीमावर्ती क्षेत्रों पर अतिक्रमण किया और फिर भारत को बीच के रास्ते के सिद्धांत पर सहमति जताने के लिए राजी कर लिया। चीनी सिद्धांत जिसके तहत पहले चीन जमीन पर कब्जा करता है और फिर आधे रास्ते तुम हटो, आधे रास्ते हम हटेंगे की बात करता है। चीन पहले 8 मील दूसरे देशों में घुसता है फिर 4 मील पीछे हटता है। उसका यही मकसद है कि अपनी आक्रामकता से जमीन की लूट जारी रखे।
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