• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

लद्दाख तनाव के बीच इंडियन स्टूडेंट्स को चीन का मैसेज, वापसी के लिए अपने कॉलेजों से संपर्क में रहें

|

नई दिल्ली- लद्दाख में तनाव के बीच चीन ने वहां पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए खास संदेश भेजा है। चीन का कहना है कि अभी भी कोरोना वायरस की वजह से जारी अंतरराष्ट्रीय यातायातों पर पाबंदी के चलते विदेशी छात्रों की वहां एंट्री मुमकिन नहीं है। लेकिन, छात्रों को हो रहे पढ़ाई की नुकसान को देखते हुए जरूरी है कि छात्र भारत में रहकर भी अपने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से संपर्क में रहें और जहां तक मुमकिन हो ऑनलाइन कोर्स का भी सहारा लें। असल में बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी चीन सरकार के सामने छात्रों की चिंताओं का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद चीन सरकार ने वहां के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी से भी विदेशी छात्रों की जरूरतों का वाजिब ख्याल रखने को कहा है।

कोरोना वैक्सीन: ऑक्सफोर्ड ही नहीं, ये 6 वैक्सीन भी पहुंच चुकी हैं थर्ड फेज के ट्रायल में

इंडियन स्टूडेंट्स के लिए चीन का मैसेज

इंडियन स्टूडेंट्स के लिए चीन का मैसेज

चीन ने हजारों भारतीय छात्रों से कहा है कि वह चीन में अपने-अपने कॉलेजों के संपर्क में रहें और ऑनलाइन कोर्स के जरिए अपनी शिक्षा पर ध्यान देते रहें। दरअसल, कोरोना वायरस के चलते चीन में अभी भी विदेशी छात्रों के वहां जाने की इजाजत नहीं है। बता दें कि चीन में अलग-अलग कोर्स कर रहे इन भारतीय छात्रों में से ज्यादातर चाइनीज छुट्टियों के दौरान जनवरी के महीने में स्वदेश लौट आए थे। यह वही समय था जब चीन से कोरोना वायरस फैलना शुरू हुआ। तब से अंतरराष्ट्रीय यात्रा बुरी तरह से प्रभावित है और चीन अभी भी विदेशियों को आने की इजाजत नहीं दे रहा है। इस चक्कर में वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ा है। बता दें कि चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस ने अबतक दुनिया में 8,92,443 लोगों की जान ले ली है और 2,73,39,132 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।

चीन में पढ़ते हैं 23 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र

चीन में पढ़ते हैं 23 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र

गौरतलब है कि पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक 23,000 से ज्यादा भारतीय छात्र चीन के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अलग-अलग कोर्स कर रहे हैं, जिनमें से अकेले 21,000 छात्र सिर्फ एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन, वुहान से हुए कोरोना विस्फोट के बाद ये छात्र घर लौटे तो उनकी कॉलेज की पढ़ाई ही छूट गई है। अब चीन की ओर से ऐसे छात्रों की पढ़ाई पटरी पर लाने की पहल शुरू हो रही है। अभी बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास से चीन के शिक्षा मंत्रालय ने कहा है, 'इस समय चीन में विदेशी छात्रों की कुछ वक्त के लिए देश में एंट्री नहीं दी जा सकती, लेकिन चीन की सरकार विदेशी छात्रों के वैद्य अधिकारों की रक्षा और उनके हितों को बहुत ही ज्यादा महत्त्व देती है। '

हर सूचना के लिए संपर्क में रहें छात्र

हर सूचना के लिए संपर्क में रहें छात्र

इससे पहले चीन में भारतीय दूतावास ने चीन के अधिकारियों से बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों की वहां नहीं लौट पाने की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। इसके जवाब में चीन के शिक्षा मंत्रालय ने कहा है, 'चीन के संबंधित विश्वविद्यालयों को छात्रों से करीबी संपर्क में रहने की आवश्यकता है, तत्काली जरूरी सूचनाएं जारी करें और ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से छात्रों के शैक्षिक हितों की रक्षा के लिए अपनी ओर से भरपूर कोशिश करें, छात्रों को अच्छी तरह से जवाब दें, उनकी जरूरी मांगों और व्यावहारिक समस्याओं के निपटारे में मदद करें। ' इसके आधार पर भारतीय दूतावास ने भी प्रेस रिलीज जारी कर भारतीय छात्रों को अपने कॉलेजों और यूनिवर्सिटी से नजदीकी संपर्क में रहने को कहा, ताकि उनकी पढ़ाई का प्रबंध हो सके। उसने छात्रों की वापसी और पढ़ाई से संबंधित जानकारी के लिए भारतीय दूतावास और काउंसलेट के अलावा सोशल मीडिया चैनल पर भी अपडेट रहने की सलाह दी है। (तस्वीरें-ट्विटर से और सांकेतिक)

इसे भी पढ़ें- क्या लद्दाख का बदला लेने के लिए चीन ने अरुणाचल प्रदेश से किया है 5 भारतीयों को 'अगवा'?

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
China's message for Indian students, stay in touch with your colleges for return
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X