चीन ने भारतीयों पर से हटाया कोविड वीजा प्रतिबंध, छात्रों के लिए भी जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान- रिपोर्ट
नई दिल्ली, जून 14। कोरोना महामारी में पिछले 2 साल से भी अधिक समय से चीन के द्वारा वीजा प्रतिबंध का सामना कर रहे भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, चीन की सरकार ने कोविड महामारी के चलते भारतीयों पर लगाए सख्त वीजा प्रतिबंधों को हटाने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने यह फैसला ले लिया है। चीन की इस घोषणा के बाद भारत में पिछले 2 साल से फंसे उन लोगों के लिए यह अच्छी खबर है जो चीन में नौकरी कर रहे थे।

स्टूडेंट को भी मिल सकती है राहत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की सरकार उन स्टूडेंट के लिए भी विचार कर रही है जो चीन में अपनी पढ़ाई छोड़कर भारत में बैठे हैं। चीनी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे हजारों भारतीय छात्रों ने यह अनुरोध किया था कि उन्हें उनके कॉलेज वापस भेजा जाए। छात्रों के इस अनुरोध पर चीनी सरकार विचार कर रही है और माना जा रहा है कि उन्हें भी वीजा दिया जा सकता है।
चीन ने कोविड वीजा पॉलिसी में किया संशोधन
आपको बता दें कि सोमवार को भारत में चीनी दूतावास ने सभी क्षेत्रों में फिर से काम शुरू करने के लिए चीन जाने के इच्छुक भारतीयों और उनके साथ आए परिजनों के वीजा आवेदन स्वीकार करने के लिए अपनी कोविड वीजा नीति में संशोधन किया। यह उन सैकड़ों भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो 2020 में कोरोना की वजह से वापस घर आ गए थे। बता दें कि पिछले महीने चीन में स्थित कई भारतीय पेशेवरों ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपने फंसे परिवारों को वापस जाने की अनुमति देने के लिए बीजिंग पर दबाव बनाने का आग्रह किया था।
विदेश मंत्रालय के दबाव के बाद ही मंगलवार को चीनी दूतावास ने कहा कि भारतीयों के अलावा चीनी नागरिकों के परिवार के सदस्य और पुनर्मिलन के लिए चीन जा रहे चीनी स्थायी निवास परमिट वाले विदेशी परिवार या आने वाले रिश्तेदार भी वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दें कि बीते अप्रैल में भारत से लंबे समय तक प्रतिनिधित्व के बाद, चीन "कुछ" फंसे हुए भारतीय छात्रों की वापसी की अनुमति देने के लिए सहमत हो गया था और ऐसे छात्रों की जानकारी मांगी थी जो वापस जाना चाहते हैं।
पहले की रिपोर्टों के अनुसार, 23,000 से अधिक भारतीय छात्र जिनमें से ज्यादातर चीनी कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे वो दिसंबर 2019 से भारत में थे। चीन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण वो वापस नहीं लौट पाए थे। इनमें से 12 हजार से अधिक छात्रों ने वापस लौटने की इच्छा जाहिर की थी। भारत सरकार ने ऐसे छात्रों की जानकारी चीन को भेज दी थी।












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