LAC पर भारतीय गतिविधि पर भड़का चीन, सर्दियों से पहले रोकना चाहता है भारत का निर्माण कार्य
नई दिल्ली, 02 अगस्त। चीन एक तरफ जहां एलएसी पर लगातार निर्माण कार्य कर रहा है तो दूसरी तरफ भारत की एलएसी पर किसी भी गतिविधि का विरोध करता है। चीन ने एलएसी पर भारत की ओर से हो रही गतिविधियों पर आपत्ति जाहिर की है। रिपोर्ट के अनुसार भारत की ओर से एलएसी पर पिछले कुछ हफ्तों से निर्माण कार्य के लिए सामान, औजार, इंसानों को लाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही भारतीय सीमा के भीतर एलएसी के पास ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, इन्ही गतिविधियों पर चीन ने आपत्ति जाहिर की है।
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चीन के भी विमानों ने भरी थी उड़ान
चीन की ओर से इस आपत्ति पर दोनों देशों के कमांडर के बीच हुई बैठक में चर्चा की गई। दरअसल जून माह में ईस्टर्न लद्दाख में एलएसी के पास चीनी विमानों को उड़ान भरते हुए देखा गया था, जिसके बाद अब भारत की ओर से इस तरह की गतिविधि का आरोप लगाया गया है। गौर करने वाली बात है कि दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की 16वें दौर की बैठक के दौरान दोनों ही देशों ने इस बात पर चर्चा की थी कि वह वह एक दूसरे को आसमान में होने वाली किसी भी गतिविधि की जानकारी देंगे। दोनों देशों की ओर से कहा गया था कि अगर किसी भी तरह की गतिविधि की योजना आसमान में बनाई जाती है तो वह एक दूसरे को इस बारे में सूचित करेंगे।

स्थिति तनावपूर्ण
एलएसी पर से आई यह खबर इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि भारत और चीन के बीच लद्दाख में सैन्य टकराव की स्थिति बनी हुई है। कई दौर की वार्ता के बाद भी दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझ नहीं सका है। हालांकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से हो रही बातचीत से कुछ हालात जरूर बेहतर हुए थे, लेकिन अगर एक बार फिर से दोनों के बीच तनाव बढ़ता है तो स्थिति बिगड़ सकती है।

चीनी घुसपैठ की कोशिश
पहले के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि चीन द्वारा इन महीनों में घुसपैठ की कोशिश की जाती रही है। सर्दियों के पहले ड्रैगन इस तरह की हरकत करता है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल सितंबर-अक्टूबर माह में भारत ने चीन की इसी तरह की घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया था। चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रही थी, जिसे भारतीय सेना ने विफल कर दिया था।

क्यों जरूरी LAC पर निर्माण कार्य
अगले कुछ महीनों में सर्दियां आ जाएंगी, ऐसे में भारत और चीन दोनों ही देशों की ओर से इंफ्रा वर्क के तेज कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि एलएसी तक पहुंचने के लिए यह जरूरी प्रयास है। चीन एलएसी के करीब काफी रफ्तार से निर्माण कार्य कर रहा है। भारत भी यहां पर सड़क निर्माण कर रहा है, इसके साथ ही वह एलएसी के पास अन्य रणनीतिक निर्माण कार्य कर रहा है।

चीन की रणनीति
पिछले महीने साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया था कि बीजिंग विवादित क्षेत्र अक्साई चिन के पास नया हाइवे बनाने की तैयारी कर रहा है। जी695 हाइवे लुंजे काउंटी को तिबेत से माझा को जोड़ेगा और एलएसी तक जाएगा। सूत्रों का कहना है कि भारत ने इस निर्माण कार्य पर चीन से आपत्ति जताई है। पिछले कई दौर की बैठक में भारत की ओर से एलएसी के करीब हो रहे निर्माण कार्य को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है।












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