विंटर ओलंपिक का बायकॉट करेंगे भारतीय अधिकारी, गलवान के घायल जवान को मशालवाहक बनाने का विरोध
नई दिल्ली, 3 फरवरी: लद्दाख में एलएसी पर भारतीय सैनिकों से मात खाने के बाद भी चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। 4 फरवरी से बीजिंग में विंटर ओलंपिक 2022 शुरू हो रहा। खेलों के इस महाकुंभ में भी चीन ने राजनीति घुसा दी है, जहां उद्घाटन समारोह में गलवान घाटी में घायल चीनी सैनिक मशालवाहक बनेगा। ड्रैगन के इस फैसले पर भारत ने आपत्ति जताई है। साथ ही ये फैसला लिया कि उद्घाटन और समापन कार्यक्रम में भारत के उच्च अधिकारी शामिल नहीं होंगे।

मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि चीन गलवान में घायल चीनी सैनिक को विंटर ओलंपिक में मशालवाहक बना रहा है। ये वास्तव में खेदपूर्ण है। भारत चीन के इस राजनीति से प्रेरित कदम का विरोध करता है। बीजिंग दूतावास में भारत के प्रभारी उप राजदूत, विंटर ओलंपिक 2022 (बीजिंग) के उद्घाटन या समापन समारोह में भाग नहीं लेंगे। अमेरिका भी चीन के इस कदम की आलोचना कर रहा है। जिस वजह से उसने भी ड्रैगन पर ओलंपिक में राजनीति करने का आरोप लगाया।
रेजीमेंट कमांडर करेंगे अगुवाई
आपको बता दें कि चीन ने रेजीमेंट कमांडर क्यूई फैबाओ को बीजिंग ओलंपिक ओपनिंग सेरेमनी में मशालवाहक बनाया है। फैबाओ गलवान घाटी की झड़प में मौजूद थे, भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में वो घायल भी हुए। इस घटना में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे, जबकि चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए। हालांकि चीन मौत का आंकड़ा सिर्फ 4-5 बताता है।
अन्य मुद्दों पर कही ये बात
बागची ने कहा कि अरुणाचल के लड़के को चीन में प्रताड़ित किया गया था। इस मामले को चीनी पक्ष के सामने उठाया जाएगा। वहीं संसद में राहुल गांधी की चीन और पाकिस्तान पर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में विदेश मंत्री ने कई ट्वीट किए हैं। जिससे सब कुछ साफ हो गया है, ऐसे में उनके पास कहने को कुछ नहीं है।












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