अरुणाचल हमारा हिस्सा, सियांग नदी को प्रदूषित करने का सवाल नहीं उठता- चीनी मीडिया
नई दिल्ली। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश चीन का हिस्सा है और इसलिए चीन की अपनी नदी को प्रदूषित करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। गौरतलब है कि बीते दिनों यह खबर आई थी कि अरुणाचल प्रदेश की लाइफलाइन कही जाने वाली सियांग नदी का पानी काला हो गया है। सियांग नदी का पानी ऐसा हो गया है कि उसका इस्तेमाल किसी भी काम के लिए नहीं किया जा सकता है। ईस्ट सियांग जिले के डिप्टी कमिश्नर टाम्यो टटक ने बताया कि नदी के अंदर काला काल सीमेंट जैसा कोई पदार्थ निकल रहा है वहीं बीते दिनों में नदी के अंदर मछलियों की भारी मात्रा में मौतें हुई हैं। ग्लोबल टाइम्स में लिखा गया है कि 'भारतीय मीडिया ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश "(चीन में दक्षिण तिब्बत कहा जाता है) में सियांग नदी प्रदूषित हो गई है। पानी का रंग काला हो गया है।'

गुरुवार को ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि शंघाई अकादमी ऑफ सोशल साइंसेज के इंटरनेशनल रिलेशंस में एक रिसर्च फेलो ने कहा, 'दक्षिण तिब्बत, चीन का क्षेत्र है, जिसका स्थानीय पर्यावरण को सुरक्षित रखने का कर्तव्य है।' अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के खिलाफ भावनाओं को उत्तेजित करने के लिए यह नहीं कहना चाहिए। इससे दोनों देशों के संबंध नहीं रह सकते। चीनी विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय मीडिया के अनुसार चीन ने दक्षिण तिब्बत में एक नदी के प्रदूषण का कारण बना है।
गौरतलब है कि लोगों ने संदेह जताया है कि चीनी सरकार सियांग (सांगपो) नदी को मोड़ रही है। वहीं बीते रविवार को सियांग नदी का दौरा करते हुए लोकसभा के सदस्य नोनिंग एरिंग ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिख कर कहा कि यह एक असामान्य घटना है, वह भी सर्दी के दिनों में। उन्होंने कहा कि यह चीनी सरकार सियांग नदी (तिब्बत में सांगपो) को संभवतः मोड़ने के कारण यह हो सकता है। प्रधान मंत्री से इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की मांग की है।












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