चिदंबरम ने नोटबंदी को बताया लापरवाही, पांच राज्यों के चुनाव में बजट का असर नहीं
चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए नोटबंदी के फैसले पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला एक लापरवाही थी।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से पेश किए आम बजट 2017-18 पर कांग्रेस पार्टी ने निशाना साधा है। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये ऐसा बजट था जिसे पेश होने के 24 घंटे बाद ही लोगों ने इस मुद्दे पर चर्चा करना बंद कर दिया। इस बार का बजट एक तरह से जनता के साथ धोखा है।

मोदी सरकार के बजट पर चिदंबरम का पलटवार
चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए नोटबंदी के फैसले पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला एक लापरवाही थी। सरकार के नोटबंदी के फैसले का खामियाजा आम आदमी को भुगतना ही पड़ा, कई कारोबारियों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ा। नोटबंदी के चलते उन्हें करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार के बजट में उनके लिए कुछ राहत का ऐलान होगा लेकिन सरकार के बजट में ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ जिससे उन्हें कोई राहत मिलती। इतना ही नहीं चिदंबरम ने नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके पास और पता नहीं ऐसे कितने हथियार हैं। चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी के फैसले से किसान, मजदूर सभी वर्ग प्रभावित हुए। लोगों को अपने पैसों के लिए एटीएम की लाइन में खड़ा होना पड़ा।
पी. चिदंबरम ने विकास दर का मुद्दा उठाते हुए यूपीए सरकार के दौरान की विकास दर से इसकी तुलना की। उन्होंने कहा कि काश मोदी सरकार यूपीए -1 सरकार की विकास दर हासिल कर पाती। उन्होंने बताया कि यूपीए-1 की विकास दर 8.5 फीसदी थी। चिदंबरम ने आगे बताया कि यूपीए सरकार की कुल विकास दर 7.5 फीसदी को छुआ था। काश, मोदी सरकार इसे छू पाती। पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर टिप्पणी करते हुए आगे कहा कि उन्हें शुभकामनाएं, लेकिन वे ऐसा करने की हालत में नहीं हैं।












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