Chhagan Bhujbal Net Worth: महाराष्ट्र के अमीर नेता हैं छगन भुजबल, नेटवर्थ जानकर चौंक जाएंगे आप
Chhagan Bhujbal Net Worth: महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता छगन भुजबल शनिवार, 11 अप्रैल को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए।
पुणे के पुरंदर तालुका के खानवडी गांव में एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब भुजबल को ले जा रहा हेलिकॉप्टर निर्धारित हेलिपैड के बजाय पास के एक वाहन पार्किंग क्षेत्र में उतर गया।

इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि मंत्री छगन भुजबल और पायलट दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई है। आइए विस्तार से जानते हैं कितने करोड़ के मालिक हां छगन भुजबल...
Chhagan Bhujbal Net Worth: कितनी संपत्ति के मालिक हैं छगन भुजबल
राजनीति के लंबे सफर में भुजबल ने न केवल नाम कमाया, बल्कि बड़ी संपत्ति भी अर्जित की। 2019 आधिकारिक घोषणाओं और MYneta की रिपोर्टों के अनुसार उनकी संपत्ति का विवरण कुछ इस प्रकार है:
छगन भुजबल की कुल संपत्ति लगभग 31.44 करोड़ रुपये से अधिक है। उनके और उनकी पत्नी के अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 74 लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा, उन्होंने करीब 28 लाख रुपये बॉन्ड, डिबेंचर और शेयरों में निवेश किए हैं। पति-पत्नी के पास लगभग 40 लाख रुपये के सोने के आभूषण हैं।
जमीन और प्रॉपर्टी: छगन भुजबल के पास करोड़ों की अचल संपत्ति है। महाराष्ट्र में उनके पास 7 करोड़ रुपये से अधिक की कृषि भूमि है। इसके अलावा, उनके पास 6 करोड़ रुपये से अधिक की गैर-कृषि भूमि (Non-Agriculture Land) भी है। जहां उनकी संपत्ति 31 करोड़ के पार है, वहीं उन पर लगभग 3.83 करोड़ रुपये की देनदारियां या कर्ज भी है। गौरतलब है कि 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी घोषित संपत्ति लगभग 26.94 करोड़ रुपये थी, जिसमें अब बढ़ोतरी हुई है।
सब्जी विक्रेता से 'करोड़पति' नेता तक: ऐसा रहा है छगन भुजबल का राजनीतिक सफर
छगन भुजबल की पहचान आज महाराष्ट्र के सबसे ताकतवर ओबीसी (OBC) नेताओं में होती है, लेकिन उनका शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा था। राजनीति में आने से पहले भुजबल मुंबई के बायकुला बाजार में सब्जी बेचते थे, जहां उनकी मां की एक छोटी सी फल की दुकान थी। उन्होंने 1960 के दशक में शिवसेना के साथ अपना सफर शुरू किया और 1973 में पहली बार पार्षद बने। बाद में बाला साहब ठाकरे से मतभेद के कारण वह कांग्रेस और फिर 1999 में शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल हो गए।
कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?
यह घटना तब हुई जब छगन भुजबल महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने खानवडी जा रहे थे। खबरों के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान हेलिकॉप्टर के रोटर्स (पंखों) की वजह से काफी धूल उड़ रही थी, जिसस दृश्यता कम हो गई। पायलट ने धूल के बीच एक खाली जगह देखी और उसे ही निर्धारित हेलिपैड समझकर लैंडिंग कर दी।
हकीकत में वह कारों और अन्य वाहनों के लिए बनाया गया पार्किंग क्षेत्र था। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने पायलट को गलती का अहसास कराया, जिसके बाद स्थिति को संभाला गया। पुणे में हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और पायलट के नेविगेशन पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब किसी कैबिनेट मंत्री का मूवमेंट हो रहा हो। हालांकि भुजबल सुरक्षित हैं और उन्होंने अपने निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, लेकिन इस तकनीकी चूक ने प्रशासन को भविष्य के लिए सतर्क कर दिया है।












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