चेन्नई के अस्पताल में शख्स ने डॉक्टर पर चाकू से किए 7 वार, इस वजह से उठाया ये खौफनाक कदम
Chennai News: तमिलनाडु के चेन्नई में एक शख्य ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पर चाकू से हमला कर दिया। शख्स ने एक-दो नहीं बल्कि डॉक्टर पर सात बार चाकू से हमला किया। यह हमला उस वक्त हुआ जब डॉक्टर कलाइगनार सेंचुरी अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। शख्स भी मरीज बनकर पहुंचा था, जैसे ही उसका नंबर आया उसने डॉक्टर के ऊपर हमला कर दिया।
फिलहाल, चेन्नई पुलिस ने शख्स को पकड़ लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शख्स की मां का कैंसर का इलाज घायल डॉक्टर द्वारा ही किया जा रहा था। पुलिस पकड़ में आए शख्स ने डॉक्टर पर आरोप लगाया किया कि उन्होंने उसकी कैंसर पीड़ित मां के लिए गलत दवा लिखी थी, जिसकी उसकी तबीयत खराब होने लगी थी।

इस घटना की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम ने बताया कि डॉक्टर एक वरिष्ठ चिकित्सक हैं और हृदय रोग से पीड़ित हैं। इस हमले में उन्हें पेट में कुछ चोटें आईं हैं। फिलहाल, वह आईसीयू में हैं और अब उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। हमले के बाद आरोपी युवक (26 वर्षीय) भागने की कोशिश कर रहा था। लेकिन उसे पकड़ लिया गया और उसे गिंडी पुलिस थाने को सौंप दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, हमलावर ने अपने पास एक छोटा सा चाकू छिपाकर रखा हुआ था। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि उनके सहयोगी को पेसमेकर लगा हुआ है और उनके माथे और पीठ के साथ-साथ कान के पीछे भी चोट लगी है। डॉक्टर पर हुए इस हमले के बाद AIADMK नेता सी विजयभास्कर और डी जयकुमार ने मुलाकात की और हालचाल जाना।
घायल डॉक्टर से मुलाकात के बाद AIADMK नेता डी. जयकुमार ने कहा, 'तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति सबसे खराब है। हर दिन हत्या और डकैती की घटनाएं हो रही हैं। यहां तक कि जान बचाने वाले डॉक्टर भी इस राज्य में सुरक्षित नहीं हैं।' उन्होंने कहा कि हमारे नेता ने हमें बालाजी (घायल डॉक्टर) के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने की सलाह दी और हम यहां आए हैं।
आखिर एक बाहरी व्यक्ति अस्पताल के अंदर चाकू लेकर कैसे आ सकता है? लोगों की जान की सुरक्षा करना सरकार का कर्तव्य है। वहीं, इस घटन पर पट्टाली मक्कल काची के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने कहा कि यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। डॉक्टरों की ओर से बार-बार यह मांग की जा रही है कि उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता है। वे लोगों की जान बचा रहे हैं, लेकिन उनकी जान सुरक्षित नहीं है। हमारे पास कुछ कानून हैं जो हाल ही में बनाए गए हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications