J&K: बदलते जम्मू कश्मीर की तस्वीर, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रस्टक्चर को बढ़ावा दे रहे केंद्र के बड़े प्रोजेक्ट
हिमायली क्षेत्र का खूबसूरत हिस्सा जिसे इस धरती का स्वर्ग कहा जाता वो है जम्मू कश्मीर। यहां के कई स्थल ऐसे जिसे देखने दुनिया के कोन-कोने से लोग यहां पहुंचते हैं। केंद्र शासित प्रदेश में आवागमन बेहतर हो इसके लिए केंद्र ने 12.77 किलोमीटर की लंबाई वाली T-50 टनल बनवाई है। जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक का हिस्सा है। इस सुरंग के निर्माण के दौरान रेल लिंक का कार्य सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण था, जिसे पूरा किया गया।
केंद्र द्वारा जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए कई अहम कदम उठाए गए। देश के खिलाफ आतंकवाद का ढांचा खड़ा करने के जिम्मेदार कई संगठनों पर सरकार ने बैन भी लगाया। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर के विकास लिए सरकार ने कई बढ़े कदम उठाए हैं।

राज्य में शिक्षा की बात करें तो यहां प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के तहत सरकार ने अनुदान राशि को भी बढ़ाया है। केंद्र सरकार ने ना सिर्फ स्वयं इस बात का बीड़ा उठाया, बल्कि जम्मू कश्मीर में शिक्षा व्यवस्था की दशा ही पलट कर रख दी। इस दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों से पूरे जम्मू कश्मीर में पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया योजना के तहत स्कूल बनाए जा रहे हैं।
पीएम श्री योजना के तहत पहले चरण के तहत 233 विद्यालय बनाने का काम शुरु हो चुका है। योजना के तहत इन विद्यालयों में शानदार शिक्षा-व्यवस्था, स्मास्ट क्लास, स्पोर्ट्स के साथ-साथ सभी ज़रूरी सुविधाएं और अच्छे शिक्षकों की भी व्यवस्था होगी, जिससे जम्मू कश्मीर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
जम्मू कश्मीर में हर तबका शिक्षा के दायरे में आए इसके लिए सरकार ने विशेष प्रयास किए हैं। यहां के पिछड़े और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थानीय जनजातियों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए EMRS या एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। जहां व्यवस्थाओं को समय के साथ और अपग्रेड किया गया है।
उच्च शिक्षा के लिए भी हो रहे बड़े प्रयास
जम्मू कश्मीर में हायर एजुकेशन सेक्टर में भी क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। उच्च शिक्षा के लिए जो छात्र पहले दूसरे राज्यों की ओर रुख किया करते थे, उन्हें अब यहीं पर विश्वस्तरीय व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की सुविधा मिलने लगी है। केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए यहां साल-2016 में भारतीय अभियंत्रण संस्थान (IIT) की स्थापना की। आईआईटी जम्मू, देश के दूसरे आईआईटी से किसी लिहाज़ से कम नहीं है। लगभग 2 लाख वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्र में इसका ट्रांजिट कैंपस 25 एकड़ में फैला है। जम्मू में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) जैसा प्रतिष्ठित संस्थान भी बनकर तैयार हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 फरवरी को ही इसका उद्घाटन किया था। पूरे 200 एकड़ में बनकर तैयार हुए इसके भव्य परिसर और शानदार भवन पर लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत आई है।
जम्मू में ही भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) का भी पुनरुद्धार किया गया है। ये पत्रकारिता के क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी संस्थान माना जाता है। साल-2016 में इसके स्थायी परिसर के निर्माण के लिए केरन बनतालाब इलाके में 15 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी, जहां अब इसकी नई और भव्य इमारत बनकर तैयार है।
आईआईएमसी में हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और डिजिटल मीडिया में पीजी डिप्लोमा जैसे दो नए कोर्स शुरु किए गए हैं। जिससे मीडिया इंडस्ट्री की बढ़ती मांग पूरी होगी। जम्मू कश्मीर में स्कूली शिक्षा से लेकर आईआईटी, आईआईएम और आईआईएमसी जैसे उत्कृष्ट शैक्षिक संस्थान केंद्र सरकार के विजन, शैक्षिक उत्थान, सामाजिक प्रभाव के साथ-साथ आर्थिक विकास को आगे बढ़ाता है।












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