चंद्रयान-3: चंद्रमा को क्यों कहते हैं 'चंदा मामा'? जानिए यहां
Chandrayaan 3 & Chanda Mama : चांद की सतह पर सफल लैंडिंग कर ली है। पूरी दुनिया की निगाहें आज भारत की ओर लगी हुई थी मालूम हो कि चंद्रयान-3 का लैंडर 40 दिनों की लंबी यात्रा के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव सतह पर उतरा है।

मालूम हो कि चंद्रमा वैज्ञानिकों के लिए एक 'रोचक विषय' है तो वहीं साहित्य और कवियों के लिए चांद 'महबूब' है तो वहीं वैदिक धर्म में चांद को 'चंद्रदेव' के रूप में पूजा जाता है, जिनके बिना 'करवा चौथ' की पूजा पूरी ही नहीं होती है।
इस्लाम के सारे त्योहार 'मून कैलेंडर 'से ही तय होते हैं
जबकि इस्लाम के सारे त्योहार 'मून कैलेंडर 'से ही तय होते हैं तो वहीं भारत के हर बच्चे के लिए चांद केवल 'चंदा मामा' ही है। देश का शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां मां ने अपने बच्चे को 'चंदा मामा' की 'लोरी' नहीं सुनाई होगी।
चंदा को आखिर 'मामा' ही क्यों कहते हैं?
लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि चंदा को आखिर 'मामा' ही क्यों कहते हैं? उसे भाई, दादा या चाचा क्यों नहीं कहते हैं? इस बारे में पौराणिक कथाओं में जिक्र मिलता है। कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन हो रहा था तो समुद्र में से बहुत सारे तत्व निकले थे, जिसमें मां लक्ष्मी और चंद्रमा भी थे।
चंद्रमा हैं लक्ष्मी मां के छोटे भाई
मां लक्ष्मी के बाद चंद्रमा निकले इसलिए वो लक्ष्मी मां के छोटे भाई बन गए और चूंकि वो लक्ष्मी जी को हम माता कहते हैं तो मां के भाई तो 'मामा' ही कहलाए ना इसलिए चांद को हम 'चंदा मामा' कहते हैं।
धरती को हम 'मां' कहते हैं इसलिए...
इसके पीछे दूसरा तर्क ये भी है चंद्रमा हमारी पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है और दिन-रात उसके साथ एक भाई की तरह रहता है अब चूंकि धरती को हम 'मां' कहते हैं इसलिए उनका भाई तो 'मामा' ही हुआ ना इसलिए चंदा केवल मामा हैं, चाचा, भईया या कोई और रिश्ते में हम उन्हें नहीं सोच पाते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार की राय जरूर लें।












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