'विज्ञान में नाकामी जैसी कोई चीज..', जब चंद्रयान-2 की विफलता पर रो पड़े इसरो चीफ, मोदी ने गले लगा बांधी हिम्मत
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) इसरो अपने महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण के लिए पूरी तरह तैयार है। इसरो आज 14 जुलाई को दोपहर 2.35 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 को प्रक्षेपित करेगा।
चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग के बीच सोशल मीडिया पर चंद्रयान- 2 की असफलता की भी चर्चा हो रही है। कई लोगों ने ट्विटर पर हैशटैग #Chandrayaan3 और #ISRO के साथ इसरो के पूर्व अध्यक्ष डा के सिवन का वो भावुक वीडियो शेयर किया है। जब चंद्रयान- 2 की असफलता के बाद वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गले लग रोने लगे थे। आइए जानें क्या है वो पूरा किस्सा...?

सिवन 15 जनवरी 2018 से 14 जनवरी 2022 तक इसरो के अध्यक्ष रहे। साल 2019 के सितंबर महीने में चंद्रयान-2 मिशन के दौरान लैंडर के सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफलता नहीं मिल पाई थी।
असल में ये बात 7 सितंबर 2019 की है, जिस दिन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 सितंबर की शाम ही बेंगलुरु स्थित इसरो के मुख्यालय पहुंच गए थे। पीएम मोदी चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की ऐतिहासिक कामयाबी का गवाह बनना चाहते थे लेकिन आखिरी वक्त में ये मिशन विफल हो गया।
ऐसा होते ही इसरो मुख्यालय में सब लोग मायूस हो गए। चारों तरफ तनाव फैल गया। ऐसे में जब पीएम मोदी तत्कालीन इसरो प्रमुख के सिवन से मिले तो वह भावुक होकर रोने लगे। पीएम मोदी ने उन्हें गले लगाकर उनका हौंसना बढ़ाया लेकिन सिवन की नम आंखों ने उनके दर्द की कहानी बंया की।
सतीश धवन स्पेस सेंटर में पीएम मोदी कुछ मिनटों तक सिवन को गले लगाए रखे और ढाढ़स बंधाते रहे। कुछ देर बाद पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा, ''विज्ञान में नाकामी जैसी कोई चीज़ नहीं होती है बल्कि हर कदम एक नया प्रयोग होता है।''
पीएम मोदी ने कहा था कि आप लोग फिर से तैयार कीजिए, इस मिशन में मैं और मेरी सरकार हमेशा आपके साथ खड़ी है।
यहां देखें ट्विटर रिएक्शन...












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