Chandrayaan-3 की फाइनल डीबूस्टिंग हुई पूरी, लैंडिंग के लिए सूर्योदय का हो रहा इतजार
Chandrayaan-3: मिशन मून पर इसरो की ओर से भेजे गए चंद्रयान-3 का सफर अभी तक अपेक्षा के अनुसार रहा है। चंद्रयान 3 चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया है और यहां पर लैंडर मॉड्यूल को लैंड कराने की तैयारी की जा रही है। इसरो की ओर से कहा गया है कि मॉड्यूल पहले आंतरिक चेक करेगा और इसके बाद सूरज के उगने का इंतजार करेगा।
इसरो की ओर से ट्वीट करके कहा गया है कि चंद्रयान-3 की दूसरी और फाइनल डीबूस्टिंग यानि स्पीड को कम करने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और चंद्रमा से यह 25 किलोमीटर x 134 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बाद मॉड्यूल आंतरिक चेक करेगा और एक निश्चित स्थान पर सूर्योदय का इंतजार करेगा।

इसरो की ओर से कहा गया है कि लैंडर मॉड्यूल 23 अगस्त की शाम 5.45 बजे चंद्रमा की सतह पर लैंड करेगा। गौर करने वाली बात है कि चांद पर एक दिन पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है।
अभी की बात करें तो चांद पर रात है और 23 अगस्त को यहां सूरज निकलेगा। दरअसल सूरज की रोशनी में लैंडर बेहतर तस्वीरें भेज सकता है, यही वजह है कि लैंडर को लैंड कराने के लिए सूरज के निकलने का इंतजार किया जा रहा है।
दरअसल चांद की सतह पर लैंडिंग करने के लिए चंद्रयान 3 की रफ्तार का कम होना काफी जरूरी है। इस मिशन की सबसे बड़ी चुनौती यही है। चंद्रयान की रफ्तार को कम करने की डीबूस्टिंग प्रक्रिया की शुरुआत 18 अगस्त को की गई थी।
पिलहाल लैंडर चांद की ऑर्बिट में हैं और यह चंद्रमा से सिर्फ 25 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर यह सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश करेगा। अभी तक दक्षिणी ध्रुव पर कोई मिशन नहीं पहुंचा है। ऐसे में अगर भारत यह करने में सफल होता है कि यह एक बड़ी सफलता होगा।












Click it and Unblock the Notifications