चंद्रयान 3: पूरे विश्व की निगाहें भारत के चंद्र मिशन पर, जानिए इससे जुड़े हर सवाल का जवाब
Chandrayaan 3: इसरो चंद्रयान-3 की लैंडिंग की पूरी तैयारी कर चुका है। आज शाम को चंद्रयान-3 सॉफ्ट लैंडिंग करेंगा। ऐसे में दुनियाभर के लोगों की इस मिशन पर नजर होगी। अगर भारत इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करता है तो ऐसा करने वाला वह दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
शेड्यूल
चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल विक्रम जिसमे प्रज्ञान रोवर है, वह साउथ पोल पर चांद की सतह पर लैंड करेगा। यह आज शाम 8.-4 बजे लैंड करेगा। इसका सीधा प्रसारण आप इसरो के कॉम्पलेक्स से सीधा देख सकते हैं।

महत्ता
अगर यह मिशन सफल होता है तो भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, चीन और सोवियत यूनियन चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफल रहे हैं। चांद के साउथ पोल की बात करें तो यहां पहली बार किसी देश ने अपना मिशन भेजा है। माना जा रहा है कि यहां पानी मौजूद हो सकता है।
चुनौती
अगर लैंडर मॉड्यूल की हेल्थ में किसी भी तरह की दिक्कत पाई जाती है तो आज की लैंडिंग को इसरो 27 अगस्त तक के लिए टाल सकता है। स्पेस अप्लिकेशन सेंटर डायरेक्टर निलेश देसाई ने बताया कि वैज्ञानिकों का ध्यान मुख्य रूप से स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार को चांद की सतह के ऊपर कम करना होगा।
वो 17 मिनट
इसरो के वैज्ञानिकों ने लैंडर की लैंडिंग के लिए 17 मिनट को काफी अहम बताया है। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में 17 मिनट का समय लगेगा। लैंडर का इंजन तैयार होने के बाद यह सही मात्रा में ईंधन का इस्तेमाल करेगा और आखिरकार यह चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।
पहले की गलतियां
चंद्रयान 3 को चंद्रयान 2 के फॉलोअप में भेजा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग को दर्शाना है, चांद की सतह का परीक्षण करना है। चंद्रयान 2 का लैंडर विक्रम लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। 2008 में चंद्रयान का पहला मिशन चांद पर पहुंचा था, जिसके बाद 7 सितंबर 2019 को चंद्रयान 2 चांद पर पहुंचा था और सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान यह क्रैश हो गया था।
रूस की विफलता
रूस ने हाल ही में चांद पर लूना 25 स्पेसक्राफ्ट को भेजा था। लेकिन रूस का यह मिशन विफल हो गया था। स्पेसक्राफ्ट चांद की सतह पर लैंड करने से पहले ही नियंत्रण से बाहर चला गया था।












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