फूट-फूट कर रो पड़े चंद्रबाबू नायडू,पत्नी पर 'आपत्तिजनक' टिप्पणी से आहत होकर पूर्व सीएम ने ली ये सौगंध
अमरावती, 19 नवंबर: तेलुगु देशम पा (टीडीपी)र्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने आज संकल्प लिया है, कि वह अब मुख्यमंत्री बन जाने के बाद ही वापस विधानसभा में वापस लौटेंगे। दरअसल, उन्होंने विधानसभा के अंदर कथित तौर पर अपनी पत्नी नारा भुवनेश्वरी को लेकर सत्तापक्ष की ओर से की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से आहत होकर यह ऐलान कर दिया है। इस दौरान मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए उन्होंने फूट-फूट कर रोना भी शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार की महिलाओं का चरित्र हनन किया जा रहा है।

मैं इससे ज्यादा नहीं झेल सकता- चंद्रबाबू
टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब हुए तो पत्नी नारा भुवनेश्वरी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर अपने आंसू नहीं रोक आए और फूट-फूट कर रो पड़े। उन्होंने सत्ताधारी वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों पर सदन के अंदर उनकी पत्नी को लेकर आपत्तिजनक बातें कहने का आरोप लगाया है। इससे पहले वह विधानसभा में भी काफी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के सदस्यों की ओर से लगातार कहे जा रहे अपशब्दों से उन्हें बहुत पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा, 'पिछले ढाई सालों से मैं अपमान झेल रहा हूं, लेकिन शांत रहा हूं। आज, उन्होंने मेरी पत्नी तक को टारगेट कर दिया है। मैं हमेशा सम्मान और सम्मान के लिए जिया हूं। मैं इससे ज्यादा नहीं झेल सकता।'

अपने चैंबर में भी भावुक हुए थे चंद्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता बोल ही रहे थे कि स्पीकर तम्मिनेनी सीताराम ने माइक काट दिया, जबकि सत्ताधारी दल के सदस्य नायडू की बातों को 'ड्रामा' बता रहे थे। दरअसल, कृषि क्षेत्र पर हो रही बहस के दौरान दोनों पक्षों में बहस के बीच से ही यह विवाद शुरू हुआ था। बाद में उन्होंने अपने चैंबर में पार्टी विधायकों के साथ आपात बैठक की, जिसमें वह काफी भावुक हो गए। नायडू को किसी तरह से उनके विधायकों ने संभाला और फिर सब सदन में वापस आ गए। इसके बाद चंद्रबाबू ने ऐसी घोषणा की जो आंध्र की राजनीति में नई करवट ले सकता है।
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मुख्यमंत्री बनकर ही सदन में लौटने की सौगंध
बाद में उन्होंने मीडिया को बताया कि स्पीकर ने उनकी पत्नी को लेकर की गई टिप्पणी की निंदा करने की भी उन्हें अनुमति नहीं दी। इस दौरान वे अपनी भावना पर काबू नहीं रख पाए और अचानक रोने लगे। उन्होंने रोते हुए बताया कि उनकी पत्नी की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। वो बोले, 'वह कभी मेरे साथ नहीं आई, जबतक कि उससे प्रोटोकॉल के पालन की गुजारिश नहीं की। उसे यह भी नहीं पता कि टीडीपी में कौन क्या है।' उन्होंने आरोप लगाया है कि स्पीकर ने एक शब्द नहीं बोला, जबकि उन्हें टिप्पणियों को रोकना चाहिए था। वो बोले कि इसे मैं उनके विवेक पर छोड़ता हूं और उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने संकल्प लिया कि वह केवल एक मुख्यमंत्री के रूप में ही विधानसभा में प्रवेश करेंगे।
'परिवार की महिलाओं का चरित्र हनन किया जा रहा है'
आंध्र प्रदेश के बुजुर्ग नेता के प्रेस कांफ्रेंस में फूट-फूटकर रोने वाला वीडियो भी आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी ने उनके परिवार के महिलाओं को भी राजनीति में घसीटकर उनका 'चरित्र हनन' किया है। चंद्रबाबू जैसे नेता का इस तरह से रोना, देश की राजनीति के गिरते हुए स्तर का उदाहरण माना जा रहा है। उन्होंने यह याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने कितने राष्ट्रीय स्तर के दिग्गजों के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी या विपक्षी पार्टी में इतना खराब अनुभव कभी नहीं रहा था, जितना पिछले ढाई वर्षों में रहा है।












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