चालान का डर दिखाकर मांगी 500 रुपए की रिश्वत, फिर इस वजह से लौटाने पड़े घूस के पैसे
चालान का डर दिखाकर मांगी 500 रुपए की रिश्वत, फिर इस वजह से लौटाने पड़े घूस के पैसे...
नई दिल्ली। मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के बाद नए नियम लागू होने से जहां ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर वाहन चालक सावधानी बरत रहे हैं तो वहीं भारी भरकम चालान का डर दिखाकर रिश्वत भी धड़ल्ले से मांगी जा रही है। चंड़ीगढ़ में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां चालान काटने का डर दिखाकर एक होमगार्ड ने कार चालक से 500 रुपए की रिश्वत ले ली। हालांकि बाद में होमगार्ड को रिश्वत के रुपए कार चालक को वापस करने पड़े। होमगार्ड जिस समय रिश्वत के रुपए वापस कर रहा था तो यह घटना कैमरे में कैद हो गई और मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आइए जानते हैं कि क्या था पूरा मामला।

चालान ना काटने के बदले मांगे 500 रुपए
दरअसल हिमाचल प्रदेश का रहने वाला एक युवक अपने परिवार के साथ कहीं जा रहा था। इस दौरान उसने चंडीगढ़ में रेड लाइट के पास अपनी गाड़ी को रॉन्ग साइड में ले लिया। इसपर वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस के एक हेड कांस्टेबल के साथ ड्यूटी दे रहे होमगार्ड संजीव राणा ने गाड़ी को रोक लिया और चालान काटने के लिए गाड़ी के पेपर मांगे। इसके बाद होमगार्ड संजीव राणा ने चालान ना काटने के लिए रिश्वत की मांग की और 500 रुपए ले लिए। रिश्वत देने के बाद किसी बात पर दोनों के बीच बहस हो गई और वहां देखते ही देखते लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने पुलिसकर्मियों पर चालान का डर दिखाकर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।

डीएसपी ने लगाई होमगार्ड को फटकार
मामला बढ़ने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और होमगार्ड संजीव राणा ने गाड़ी चालक से माफी मांगी। इस दौरान संजीव रिश्वत के 500 रुपए भी वापस करने लगा, जिसे वहां मौजूद लोगों में से किसी ने कैमरे में कैद कर लिया। मौके पर पहुंची डीएसपी हरजीत कौर ने भी होमगार्ड संजीव राणा को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद मामले की जानकारी जब एसएसपी के पास पहुंची तो उन्होंने होमगार्ड कमांडेंट को संजीव राणा पर कार्रवाई करने के लिए कहा। आपको बता दें कि इस तरह की कुछ घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जब चालान के बदले में रिश्वत लेने के आरोप लगे।

आपके नाम पर चालान है या नहीं, ऐसे करें चेक
आपको बता दें कि मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 के नए नियम लागू हुए अभी महज 12 दिन ही हुए हैं और लोगों के 23 हजार रुपए से लेकर एक लाख 41 हजार रुपए तक के चालान कट चुके हैं। ऐसे में आप भी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं कि आपके नाम पर कोई चालान है या नहीं। यह चेक करने के लिए सबसे पहले परिवहन विभाग की वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in/ पर जाएं। वेबसाइट पर जाने के बाद आपको एक छोटी सी विंडो दिखेगी, जिसमें Get Challan Details के ऑप्शन पर क्लिक करें। इसपर क्लिक करने के बाद आप अपने वाहन के नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस के नंबर से किसी एक विकल्प को चुनकर अपनी डिटेल भरें। वाहन या ड्राइविंग लाइसेंस के नंबर के साथ आपको कैप्चा कोड भी भरना होगा। इसके बाद Get Detail पर क्लिक करें और आपको पता चल जाएगा कि आपके नाम पर कोई चालान है या नहीं। अगर आपके नाम पर कोई चालान है तो आप यहीं पर इसे ऑनलाइन भी भर सकते हैं।

नियमों के उल्लंघन पर अब भारी भरकम जुर्माना
ट्रैफिक नियम ---------- पुराना जुर्माना ---------- नया जुर्माना
सामान्य (धारा 177) ---------- 100 रुपए ---------- 500 रुपए
सीट बेल्ट ---------- 100 रुपए ---------- 1000 रुपए
नशे में ड्राइविंग ---------- 2000 रुपए ---------- 10000 रुपए
सड़क पर रेस लगाना ---------- 500 रुपए ---------- 5000 रुपए
बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना ---------- 500 रुपए ---------- 5000 रुपए
बिना इंश्योरेंस ड्राइविंग ---------- 1000 रुपए ---------- 2000 रुपए
टू-व्हीलर पर ओवरलोडिंग ---------- 100 रुपए ---------- 2000 रुपये, 3 महीने के लिए लाइसेंस अयोग्य
ओवर स्पीडिंग ---------- 400 रुपए ---------- हल्की गाड़ियों पर 1000 और मध्यम दर्जे की गाड़ियाों पर 2000 रुपए
खतरनाक ड्राइविंग दंड ---------- 1000 रुपए ---------- 5000 रुपए तक
अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना ---------- 500 रुपए ---------- 2000 रुपए
बिना लाइसेंस अनाधिकृत गाड़ी चलाना ---------- 1000 रुपए ---------- 5000 रुपए
बिना परमिट की गाड़ी ---------- 5000 रुपए तक ---------- 10000 रुपए तक
लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन ---------- कोई नियम नहीं ---------- 25000 से 1 लाख रुपए
ओवरलोडिंग ---------- 2000 रुपए ---------- 20000 रुपए
यात्रियों की ओवरलोडिंग ---------- कोई नियम नहीं ---------- 1000 रुपए प्रति एक्सट्रा यात्री
बिना योग्यता के ड्राइविंग ---------- 500 रुपए ---------- 10000 रुपए
आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर ---------- कोई नियम नहीं ---------- 10000 रुपए
ओवरसाइज वाहन ---------- कोई नियम नहीं ---------- 5000 रुपए
जुवेनाइल द्वारा उल्लंघन ---------- कोई नियम नहीं ---------- संरक्षक /या मालिक को दोषी माना जाएगा, 3 साल की कैद के साथ 25000 रु जुर्माना, जेजे एक्ट के तहत जुवेनाइल पर मुकदमा चलेगा और गाड़ी का पंजीकरण रद्द होगा












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