चमोली त्रासदी: तपोवन डैम टनल से 16 लोग सुरक्षित निकाले गए, अबतक 10 लोगों की मौत
देहरादून। उत्तराखंड के जोशीमठ के धौली गंगा घाटी में अचानक ग्लेशियर टूटने और बादल फटने से कई लोग पानी के बहाव में बह गए हैं। कई इलाकों में भारी तबाही आ गई है। घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। अलकनंदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सचेत कर दिया गया है। अबतक 10 लोगों के शव मिले हैं और 100 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं गृह मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है कि चमोली स्थित तपोवन डैम टनल से 16 लोग सुरक्षित निकाला गया है। सूचना मिलने के बाद से ही आईटीबीपी के जवान रेस्क्यू कर रहे थे और अब सफलता हाथ लगी है।
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उत्तराखंड के डीजपी अशोक कुमार ने बताया कि बचाए गए 16 लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। उन्होंने लिखा है कि अगर आप प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हैं तो कृप्या कर आपदा परिचालन केंद्र के नंबर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। मदद की जाएगी। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि कृपया कर घटना के संबंध में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर उत्तराखंड त्रासदी की तस्वीर डालकर चमाली ग्लेशियर की घटना से जोड़ जा रहा है।
गौरतलब है कि जून 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में अबतक का सबसे विनाशकारी त्रासदी हुआ था। लगातार होने वाली बारिश और ग्लेशियर्स के पिघलने से इस पहाड़ी नदियां उफान पर आ गई थी और इसी में मानसून भी समय से पहले आ गया था। नतीजा ये हुआ कि लगभग 5000 लोगों की मौत हुई थी। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए थे। 11 हजार से ज्यादा भवनों को आंशिक नुकसान पहुंचा था। इस त्रासदी में कई हजार लोग लापता हो गए थे। दुख की बात ये है कि जो लोग लापता हुए वो आजतक नहीं मिले।












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