#worldEconomicForum2018: स्वागत भाषण में चेयरमैन ने किया वसुधैव कुटुम्बकम का जिक्र, भारत की जमकर तारीफ
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्लेनरी सेशन की शुरुआत करते हुए स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति अलेन बर्सेट ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी बदलाव के दौर से गुजर रही है
नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 48वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत छवि मजबूत हुई है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के एग्जिक्युटिव चेयरमैन क्लॉस श्वाब ने अपने स्वागत भाषण में भारत की तारीफ की और कहा कि सभी देशों को मिलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। क्लॉस श्वाब ने अपने स्वागत भाषण में वसुधैव कुटुम्बकम की भी तारीफ की। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए क्लॉस श्वाब ने कहा कि सभी को आर्थिक तरक्की के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। आर्थिक तरक्की के लिए सभी देशों को एक साथ काम करना होगा। अपने भाषण से पहले पीएम मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति ऐलेन बर्सिट और WEF के एग्जिक्युटिव चैयरमेन प्रोफेसर क्लॉस श्वाब से मुलाकात की थी।

ये बोले स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति अलेन बर्सेट
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्लेनरी सेशन की शुरुआत करते हुए स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति अलेन बर्सेट ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी बदलाव के दौर से गुजर रही है। हालांकि राष्ट्रपति बर्सेट ने कहा कि विकास की दौड़ में हमें अंधकार को गले नहीं लगाना है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि विकास का फायदा सोशल इंक्लूजन के जरिए समाज में सभी वर्गों तक पहुंचे। मौजूदा समय में डेटा के बड़े पहाड़ तैयार हैं और उनके नियंत्रण की कोशिशें की जा रही है। माना जा रहा है कि जिसके पास डेटा का अधिकार होगा वहीं दुनिया के शीर्ष पर काबिज होगा।

पीएम मोदी ने ये कहा
स्विट्जरलैंड के दावोस में 48वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूत भारतीय अर्थव्यवस्था का खाका पेश करते हुए वैश्वीकरण की सीमाओं का जिक्र किया।मोदी ने कहा भारत में आर्थिक और सामाजिक नीतियों में केवल छोटे-मोटे सुधार ही नहीं कर रहा बल्कि आमूल चूल रुपांतरण कर रहे हैं वहीं तेजी से वैश्वीकरण की चमक फीकी पड़ती जा रही है। उन्होंने कहा, 'हमने जो रास्ता चुना है वह रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का है।' मोदी ने कहा भारत की अर्थव्यवस्था को निवेश के लिए सुगम बनाया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में अनादी काल से हम मानव मात्र को जोड़ने में विश्वास करते आएं हैं, उसे तोड़ने में नहीं, बांटने में नहीं। हजारों साल पहले संस्कृत में लिखा है कि भारतीय चिंतकों ने कहा है कि वसुधैव कटुंबकम यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। इसलिए हम सब एक परिवार की तरह हैं।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम स्विट्जरलैंड की गैर लाभकारी संस्था है
आपको बता दें कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम स्विट्जरलैंड की गैर लाभकारी संस्था है। इसका मकसद बिजनेस, राजनीति, शैक्षिकव अन्य क्षेत्रों के वैश्विक नेताओं व अग्रणी लोगों को एक साथ लाकर वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक दिशा तय करना है। इसका गठन 1971 में हुआ था।












Click it and Unblock the Notifications