Cervical Cancer:महिलाओं के दुश्मन का होगा अंत, आ गई स्वदेशी वैक्सीन, कीमत समेत इसकी हर बात जानिए
नई दिल्ली, 1 सितंबर: भारत में महिलाओं को दो तरह के कैंसर सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर। इसमें सर्वाइकल कैंसर की स्वदेशी वैक्सीन आ गई है, जिसकी कीमत विदेशी वैक्सीन की तुलना में कुछ भी नहीं लग रही है। एक वायरस की वजह से होने वाली सर्वाइकल कैंसर क्या बीमारी है, यह क्यों होती है और नई वैक्सीन की कितनी खुराक लेनी पड़ेगी ? यह सब आप इस आर्टिकल में जान सकते हैं। सर्वाइकल कैंसर की स्वदेशी वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने मिलकर तैयार की है, जिसे ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की मंजूरी मिल गई है।

सर्वाइकल कैंसर की स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च
गुरुवार को सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च हो गई। क्वाड्रिवैलेंट ह्यूमैन पैपिल्लोमा वायरस वैक्सीन (qHPV) को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने साथ मिलकर विकसित किया है। यह टीका महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी इस जानलेवा संक्रमण से बचाएगा। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को इस वैक्सीन के निर्माण की अनुमति दी है, जिसके बाद यह लॉन्च की गई है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के चेयरमैन अदार पूनावाला ने कहा है, 'जब से हमारी कंपनी मेरे पिता साइरस पूनावाला ने शुरू की थी, तबसे हमने पारंपरिक तौर पर बच्चों के लिए वैक्सीन बनाई हैं। हमने अपनी कोशिशों को महिलाओं पर फोकस किया है।'

सर्वाइकल कैंसर क्या है ?
सर्वाइकल कैंसर स्त्री रोग से संबंधित कैंसर है, जिसमें महिलाओं के प्रजनन से जुड़े अंग प्रभावित होते हैं। सीडीसी के मुताबिक यह सर्विक्स से शुरू होता है, जो कि यूटरस के निचला और पतला छोड़ है। शुरुआती लक्षणों में वजाइना से ब्लीडिंग या डिस्चार्ज होने की समस्या देखी जाती है, जो कि असमान्य तरह की हो। सर्वाइकल कैंसर ह्यूमैन पैपिल्लोमा वायरस की वजह से होता है। इस वायरस के समूह में 200 से ज्यादा वायरस होते हैं। इनमें से कुछ वायरस वजाइनल, एनल या ओरल संबंध बनाने के दौरान संक्रमित करते हैं। यह वायरस महिला या पुरुष किसी को भी संक्रमित कर सकता है, लेकिन कैंसर तब होता है, जब इंफेक्शन लंबे समय तक रह जाए।

सर्वाइकल कैंसर क्यों होता है ?
पीएसआरआई अस्पताल के ओंकोलॉजी एंड हेमैटो-ओंकोलॉजी में सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर अमित उपाध्याय ने इंडिया टुडे को बताया है कि देश में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होने वाला दूसरा सामान्य कैंसर है। यह मुख्य तौर पर खराब जेनाइटल हाइजीन की वजह से ह्यूमैन पैपिल्लोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण से होता है। इसमें असुरक्षित यौन संबंध और कई लोगों से यौन संबंध बनाना शामिल है। 90 फीसदी सर्वाइकल कैंसर एचपीवी की वजह से ही होता है।

भारत की पहली सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन क्या है ?
क्वाड्रिवैलेंट ह्यूमैन पैपिल्लोमा वायरस वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन है, जिसने काफी बेहतर एंटीबॉडी रेस्पॉन्स का प्रदर्शन किया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह एंटीबॉडी रेस्पॉन्स सभी लक्षित एचपीवी प्रकारों और सभी खुराक और आयु समूहों के मुकाबले बेसलाइन से करीब 1,000 गुना ज्यादा है। रोगियों की उम्र के हिसाब से इस वैक्सीन के दो से तीन खुराक दी जाएगी। डॉक्टर अमित उपाध्याय के मुताबिक शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि यह वैक्सीन काफी कारगर है।

सर्वाइकल कैंसर की स्वदेशी वैक्सीन की कीमत क्या होगी ?
सर्वाइकल कैंसर की स्वदेशी वैक्सीन की कीमत प्रति खुराक 200 से 400 रुपये तक होने की संभावना है, जो कि विदेशी वैक्सीन के मुकाबले काफी सस्ती लग रही है। हालांकि, इसके दाम की घोषणा अभी नहीं की गई है। MERCK कंपनी जो कि एचपीवी वैक्सीन बनाती है, उसकी कीमत 3,000 रुपए प्रति खुराक है। वहीं Gardasil 9 की कीमत भारत में लगभग 10,000 रुपए है। (तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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